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पंचायत सहायक भर्ती: आपत्तियों के निस्तारण के लिए बनेगी कमेटी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 24 May 2017 07:21 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि ग्राम पंचायत सहायक भर्ती- 2017 में अभ्यर्थियों की आपत्तियां तय करने के लिए संबंधित जिले के कलक्टर और जिला परिषद के सीईओ सहित प्रारंभिक जिला शिक्षाधिकारी की कमेटी गठित की जाएगी।
राज्य सरकार का पक्ष जानने के बाद अदालत ने आदेश दिए हैं कि अभ्यर्थी इस संबंध में अपना अभ्यावेदन कमेटी को दे और कमेटी एक माह में उसका निस्तारण करे। न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश सतीश कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में याचिकाकर्ताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में मनमानी कर चहेतों को नियुक्ति दी जा रही है।
याचिकाकर्ता विद्यार्थी मित्रों के पास अधिक अनुभव होने के बावजूद भी मिलीभगत कर अनुभवहीन का चयन हो रहा है। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से एएजी ने कहा कि इस संबंध में आपत्तियों के निस्तारण के लिए कलक्टर, सीईओ और प्रारंभिक शिक्षाधिकारी की कमेटी बनाई गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अपना अभ्यावेदन कमेटी को देने के आदेश देते हुए कमेटी को उस पर एक माह में निर्णय करने को कहा है।
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राज्य सरकार का पक्ष जानने के बाद अदालत ने आदेश दिए हैं कि अभ्यर्थी इस संबंध में अपना अभ्यावेदन कमेटी को दे और कमेटी एक माह में उसका निस्तारण करे। न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश सतीश कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में याचिकाकर्ताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में मनमानी कर चहेतों को नियुक्ति दी जा रही है।
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याचिकाकर्ता विद्यार्थी मित्रों के पास अधिक अनुभव होने के बावजूद भी मिलीभगत कर अनुभवहीन का चयन हो रहा है। जिसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से एएजी ने कहा कि इस संबंध में आपत्तियों के निस्तारण के लिए कलक्टर, सीईओ और प्रारंभिक शिक्षाधिकारी की कमेटी बनाई गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अपना अभ्यावेदन कमेटी को देने के आदेश देते हुए कमेटी को उस पर एक माह में निर्णय करने को कहा है।
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