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टीकाकरणः 'चिराग' टेबलेट के सहारे झिलमिलाएंगे चिराग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 May 2017 12:53 PM IST
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टीकाकरण
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के एक जिले में महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण व कुपोषण से जुड़ी जानकारी रोज अपडेट हो सकेगी, वो भी हाईटेक तरीके से। दरअसल, राजस्थान के पाली जिले को इंटरनेशनल संस्था यूनिसेफ की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन चिराग के लिए चुना गया है।
इस ऑपरेशन में एएनएम और आशासहयोगिनी अपना रिकॉर्ड न केवल डे टू डे अपडेट रखेंगी बल्की उसे टेबलेट के जरिए सेव भी रखेंगी। हर दिन यह रिकॉर्ड अपडेट होगा। इससे महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य व टीकाकरण की सही स्थिति पता लगाई जा सकेगी। जानकारी के मुताबिक इस पहल के जरिए रोज अपडेशन हो सकेगा, जबकि अभी तक कागजों कार्रवाई में साल में एक ही बार अपडेट किया जाता है। अब अधिकारी किसी भी समय टेबलेट के माध्यम से दर्ज की जा रही जानकारी को जांच सकेंगे।
इस पहल से सबसे ज्यादा फायदा जिले की महिलाओं को होगा। इससे जिले में प्रेग्नेंट महिलाओं, उनकी स्थिति, ईलाज, आयरन की कमी का पता लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही जिले में मौजूद कुपोषित बच्चों की सही जानकारी भी मिल सकेगी। जिसके मुताबिक सुधार के सही कदम उठाए जा सकेंगे।
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जहां तक बात पाली जिले के चयन की है, वह जिले में बेहतर कार्य और स्वास्थ्य कल्याण की योजनाओं को देखकर किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों करीब पन्द्रह लोगों का प्रतिनिधमंडल यूनिसेफ के नेतृत्व में पाली आया। यहां आकर उन्होंने सप्ताह भर वाली में चिकित्सा इंतजामों व सुविधाओं को मुआयना किया, तब जाकर पाली को ऑपरेशन चिराग के लिए चुना गया।
टेबलेट के जरिए आशा सहयोगिनी ने केवल आंकड़े दर्ज कर सकेंगी, बल्कि टीकाकरण व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जागरूकता भी फैला सकेंगी। इनके टेबलेट में जागरूकता फैलाना वाले वीडियो सेव किए जाएंगे। जब भी ये ग्रामीण इलाकों में समझाइश के लिए जाएंगी तो वहां की महिलाओं व युवतियों के बीच इन वीडियो को दिखाकर जागरूकता फैला सकेंगी।
पाली के सीएमएचओ डॉ.एसएस शेखावत ने बताया कि यह पाली के लिए बड़ी उपलब्धि है। पिछले दिनों छह सात दिनों के लिए टीम पाली आई थी, यहां की सुविधाओं का मुआयना किया। अब यहां आशा सहयोगिनी अब टेबलेट से अपना सारा डाटा अपडेट करेंगी।
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इस ऑपरेशन में एएनएम और आशासहयोगिनी अपना रिकॉर्ड न केवल डे टू डे अपडेट रखेंगी बल्की उसे टेबलेट के जरिए सेव भी रखेंगी। हर दिन यह रिकॉर्ड अपडेट होगा। इससे महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य व टीकाकरण की सही स्थिति पता लगाई जा सकेगी। जानकारी के मुताबिक इस पहल के जरिए रोज अपडेशन हो सकेगा, जबकि अभी तक कागजों कार्रवाई में साल में एक ही बार अपडेट किया जाता है। अब अधिकारी किसी भी समय टेबलेट के माध्यम से दर्ज की जा रही जानकारी को जांच सकेंगे।
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इस पहल से सबसे ज्यादा फायदा जिले की महिलाओं को होगा। इससे जिले में प्रेग्नेंट महिलाओं, उनकी स्थिति, ईलाज, आयरन की कमी का पता लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही जिले में मौजूद कुपोषित बच्चों की सही जानकारी भी मिल सकेगी। जिसके मुताबिक सुधार के सही कदम उठाए जा सकेंगे।
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जहां तक बात पाली जिले के चयन की है, वह जिले में बेहतर कार्य और स्वास्थ्य कल्याण की योजनाओं को देखकर किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों करीब पन्द्रह लोगों का प्रतिनिधमंडल यूनिसेफ के नेतृत्व में पाली आया। यहां आकर उन्होंने सप्ताह भर वाली में चिकित्सा इंतजामों व सुविधाओं को मुआयना किया, तब जाकर पाली को ऑपरेशन चिराग के लिए चुना गया।
टेबलेट के जरिए आशा सहयोगिनी ने केवल आंकड़े दर्ज कर सकेंगी, बल्कि टीकाकरण व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जागरूकता भी फैला सकेंगी। इनके टेबलेट में जागरूकता फैलाना वाले वीडियो सेव किए जाएंगे। जब भी ये ग्रामीण इलाकों में समझाइश के लिए जाएंगी तो वहां की महिलाओं व युवतियों के बीच इन वीडियो को दिखाकर जागरूकता फैला सकेंगी।
पाली के सीएमएचओ डॉ.एसएस शेखावत ने बताया कि यह पाली के लिए बड़ी उपलब्धि है। पिछले दिनों छह सात दिनों के लिए टीम पाली आई थी, यहां की सुविधाओं का मुआयना किया। अब यहां आशा सहयोगिनी अब टेबलेट से अपना सारा डाटा अपडेट करेंगी।