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रात भर चैटिंग जैसी आदत से हो सकता है ब्रेन डैमेज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 06:39 PM IST
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brain stroke
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हम शरीर को तो व्यायाम करके फिट बना सकते हैं, मगर ब्रेन को फिट रखने के बारे में कोई नहीं सोचता। इसी कारण डिप्रेशन, बीपी, सिरदर्द, तनाव के साथ आज हर दूसरे व्यक्ति को लाइफ स्टाइल डिजीज घेरे हुए हैं। हम ब्रेन को ठीक रख कर इन तमाम बीमारियों से दूर रह सकते हैं। इसके लिए सिर्फ कुछ आदतों को बदलना होगा।
वर्ल्ड हैल्थ के मौके पर शुक्रवार को जीवनरेखा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पीटल में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यूरोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सूर्यप्रकाश पाटीदार ने मरीजों के सवाल-जवाब में कहा कि पढ़ाई से लेकर नौकरी, कारोबार, परिवार तमाम तरह की परेशानियों का प्रेशर हमारा दिमाग रोज उठाता है। भागदौड़ और तनावभरी जिंदगी लोगों को कई तरह की बीमारियों का शिकार तो बना ही रही हैं। साथ ही उनके दिमाग (ब्रेन) पर भी बुरा असर डाल रही हैं। रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया तो वे हमारे ब्रेन को डैमेज कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में लोग देर रात तक व्हाटसएप, फेसबुक आदि पर चैटिंग में लगे रहते हैं। देर रात तक मूवी देखना, खाना देर से खाना आदि ऐसी आदतें हैं जो ब्रेन को डैमेज कर सकती हैं। क्योंकि इससे ब्रेन सेल्स कमजोर होने लगते हैं और अंत में काम करना बंद कर देते हैं। कई शोधों में भी सामने आया है कि पूरी नींद से दिमाग की कौशिकाओं को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलती है।
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इसी तरह सिर ढककर सोना भी घातक साबित हो सकता है। लोग सर्दी या मच्छरों से बचने के लिए सिर को ऊपर तक ढक कर सो जाते हैं। मगर ऐसा करने से ब्रेन के काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। सिर ढक कर सोने से जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन ब्रेन को नहीं मिल पाती और कार्बन डाइ-ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ने लगती है।
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वर्ल्ड हैल्थ के मौके पर शुक्रवार को जीवनरेखा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पीटल में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यूरोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सूर्यप्रकाश पाटीदार ने मरीजों के सवाल-जवाब में कहा कि पढ़ाई से लेकर नौकरी, कारोबार, परिवार तमाम तरह की परेशानियों का प्रेशर हमारा दिमाग रोज उठाता है। भागदौड़ और तनावभरी जिंदगी लोगों को कई तरह की बीमारियों का शिकार तो बना ही रही हैं। साथ ही उनके दिमाग (ब्रेन) पर भी बुरा असर डाल रही हैं। रोजमर्रा की कई ऐसी आदतें हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया तो वे हमारे ब्रेन को डैमेज कर सकती हैं।
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उन्होंने कहा कि सोशल नेटवर्किंग के इस दौर में लोग देर रात तक व्हाटसएप, फेसबुक आदि पर चैटिंग में लगे रहते हैं। देर रात तक मूवी देखना, खाना देर से खाना आदि ऐसी आदतें हैं जो ब्रेन को डैमेज कर सकती हैं। क्योंकि इससे ब्रेन सेल्स कमजोर होने लगते हैं और अंत में काम करना बंद कर देते हैं। कई शोधों में भी सामने आया है कि पूरी नींद से दिमाग की कौशिकाओं को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलती है।
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इसी तरह सिर ढककर सोना भी घातक साबित हो सकता है। लोग सर्दी या मच्छरों से बचने के लिए सिर को ऊपर तक ढक कर सो जाते हैं। मगर ऐसा करने से ब्रेन के काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। सिर ढक कर सोने से जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन ब्रेन को नहीं मिल पाती और कार्बन डाइ-ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ने लगती है।