{"_id":"598335844f1c1b0b778b45a4","slug":"order-to-shut-down-non-operational-factories","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना एनओसी चल रही फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश, कटेंगे बिजली कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना एनओसी चल रही फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश, कटेंगे बिजली कनेक्शन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 03 Aug 2017 08:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण मंडल से बिना एनओसी लिए चल रही फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि जेवीवीएनएल इन फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन भी काटे। अदालत ने कहा कि कानून की पालना न करने वाली फैक्ट्रियों को चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके अलावा रीको 2003 में दिए आदेश की पालना में कार्रवाई करे।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश मुकेश मीणा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि सांगानेर क्षेत्र में फैक्ट्रियां बिना एनओसी लिए चल रही हैं। कई फैक्ट्रियां औद्योगिक भूमि पर भी नहीं है। इन फैक्ट्रियों से भंयकर वायू प्रदूषण होता है। इनमें भारी मात्रा में प्लास्टिक जलाया जा रहा है। इसके साथ ही इनसे निकलने वाले विषाक्त पानी से जमीन खराब हो रही है।
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने 7 मार्च 2003 को रीको को आदेश दिए थे कि इनके लिए अलग से औद्योगिक क्षेत्र घोषित करे और इनके लिए एसटीपी प्लांट लगाने की कार्रवाई करे। इसके बावजूद भी इन्हें यहां से शिफ्ट नहीं किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2009 में राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि किसी भी तरह के कानून की अवहेलना करने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने बिना एनओसी लिए चल रही फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश मुकेश मीणा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि सांगानेर क्षेत्र में फैक्ट्रियां बिना एनओसी लिए चल रही हैं। कई फैक्ट्रियां औद्योगिक भूमि पर भी नहीं है। इन फैक्ट्रियों से भंयकर वायू प्रदूषण होता है। इनमें भारी मात्रा में प्लास्टिक जलाया जा रहा है। इसके साथ ही इनसे निकलने वाले विषाक्त पानी से जमीन खराब हो रही है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने 7 मार्च 2003 को रीको को आदेश दिए थे कि इनके लिए अलग से औद्योगिक क्षेत्र घोषित करे और इनके लिए एसटीपी प्लांट लगाने की कार्रवाई करे। इसके बावजूद भी इन्हें यहां से शिफ्ट नहीं किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2009 में राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि किसी भी तरह के कानून की अवहेलना करने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने बिना एनओसी लिए चल रही फैक्ट्रियों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन