{"_id":"59a424714f1c1bc2018b456d","slug":"order-to-constitute-state-level-committees","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोर संरक्षण मामला : राज्य स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोर संरक्षण मामला : राज्य स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में मोर के संरक्षण के मामले में पूर्व में दिए आदेश की पालना में राज्य स्तरीय कमेटी गठित कर 9 अक्टूबर को पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीतसिंह की खंडपीठ ने यह आदेश बाबूलाल जाजू की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पालना रिपोर्ट पेश की गई। जिसमें कहा गया कि गत वर्ष 20 मई को दिए अदालती आदेश की पालना में जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया जा चुका है। जिसका विरोध करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि जिला कमेटियों को अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कमेटी को सौंपनी है, लेकिन सरकार ने राज्य स्तरीय कमेटी का गठन ही नहीं किया है। इस पर सरकार ने कहा कि पहले चरण में जिला कमेटियां गठित की गई है। अब दूसरे चरण में राज्य स्तरीय कमेटी बनाई जाएं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने 9 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार को रोकने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से 7 मई 2014 को सर्कुलर जारी हो चुका है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार शिकार पर रोक लगाने में नाकाम रही है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पालना रिपोर्ट पेश की गई। जिसमें कहा गया कि गत वर्ष 20 मई को दिए अदालती आदेश की पालना में जिला स्तरीय कमेटियों का गठन किया जा चुका है। जिसका विरोध करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि जिला कमेटियों को अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कमेटी को सौंपनी है, लेकिन सरकार ने राज्य स्तरीय कमेटी का गठन ही नहीं किया है। इस पर सरकार ने कहा कि पहले चरण में जिला कमेटियां गठित की गई है। अब दूसरे चरण में राज्य स्तरीय कमेटी बनाई जाएं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने 9 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय कमेटी का गठन कर पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार को रोकने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से 7 मई 2014 को सर्कुलर जारी हो चुका है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार शिकार पर रोक लगाने में नाकाम रही है।
विज्ञापन