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भरतपुर जिला प्रमुख विवाद: हाईकोर्ट ने निर्वाचन रद्द करने का आदेश किया निरस्त
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 17 Jul 2017 07:59 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर जिला प्रमुख के पद पर बीना सिंह के निर्वाचन को रद्द करने के निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया है।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश बीना सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार सुलभा सिनसिनवार और स्नेहलता ने बीना सिंह के निर्वाचन को यह कहते हुए निचली अदालत में चुनौती दी थी कि बीना सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय संपत्ति सहित अन्य बिंदुओं पर गलत घोषणा पत्र दिया था। साथ ही, कहा गया कि वार्ड सदस्य को निर्वाचन का प्रमाण पत्र जारी करने के 24 घंटे के भीतर ही जिला प्रमुख का चुनाव करवा लिया गया। इस पर निचली अदालत ने 16 जनवरी 2017 को बीना सिंह का जिला प्रमुख और वार्ड सदस्य का निर्वाचन रद्द करते हुए सुलभा को निर्वाचित घोषित किया था।
इस आदेश के खिलाफ बीना सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हाईकोर्ट ने गत 25 जनवरी को निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। वहीं सोमवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।
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न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश बीना सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार सुलभा सिनसिनवार और स्नेहलता ने बीना सिंह के निर्वाचन को यह कहते हुए निचली अदालत में चुनौती दी थी कि बीना सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय संपत्ति सहित अन्य बिंदुओं पर गलत घोषणा पत्र दिया था। साथ ही, कहा गया कि वार्ड सदस्य को निर्वाचन का प्रमाण पत्र जारी करने के 24 घंटे के भीतर ही जिला प्रमुख का चुनाव करवा लिया गया। इस पर निचली अदालत ने 16 जनवरी 2017 को बीना सिंह का जिला प्रमुख और वार्ड सदस्य का निर्वाचन रद्द करते हुए सुलभा को निर्वाचित घोषित किया था।
इस आदेश के खिलाफ बीना सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हाईकोर्ट ने गत 25 जनवरी को निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। वहीं सोमवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।
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