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ओपी गल्होत्रा नए डीजीपी, अजीत सिंह आज हो जाएंगे रिटायर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 30 Nov 2017 04:18 PM IST
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ओपी गलहोत्रा (इनसेट)
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में सरकार के लिए कई बार संकट मोचक बने पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह शेखावत आज सेवानिवृत्त हो गए और ओपी गल्होत्रा राजस्थान के नए डीजीपी होंगे।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सुबह ओपी गल्होत्रा मिलने पहुंचे। मीटिंग के बाद उनके नाम की घोषणा कर दी गई। इससे पहले गल्होत्रा का डीजीपी माना जा रहा था। 1985 बैच के आईपीएस ओपी गल्होत्रा करीब एक साल पहले दिल्ली से यहां लौटे थे। आरएसी के एडीजी के पद पर है। वह सात साल तक सीबीआई में ज्वाइंट सेक्रेट्री भी रहे है।
इससे पहले भी वह सीबीआई में रहे हैं। पिछली भाजपा सरकार के दौरान वह जयपुर रेंज प्रथम और जयपुर रेंज द्वितीय में आईजी रहे थे। डीजीपी की दौड़ में सीनियर डीजी नवदीप सिंह और एडीजी सुनील कुमार मल्होत्रा भी थे। लेकिन गल्होत्रा ने ये नया पद सम्भाला है।
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सुबह ओपी गल्होत्रा मिलने पहुंचे। मीटिंग के बाद उनके नाम की घोषणा कर दी गई। इससे पहले गल्होत्रा का डीजीपी माना जा रहा था। 1985 बैच के आईपीएस ओपी गल्होत्रा करीब एक साल पहले दिल्ली से यहां लौटे थे। आरएसी के एडीजी के पद पर है। वह सात साल तक सीबीआई में ज्वाइंट सेक्रेट्री भी रहे है।
इससे पहले भी वह सीबीआई में रहे हैं। पिछली भाजपा सरकार के दौरान वह जयपुर रेंज प्रथम और जयपुर रेंज द्वितीय में आईजी रहे थे। डीजीपी की दौड़ में सीनियर डीजी नवदीप सिंह और एडीजी सुनील कुमार मल्होत्रा भी थे। लेकिन गल्होत्रा ने ये नया पद सम्भाला है।
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आनंदपाल में निभाई भी महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह शेखावत
- फोटो : File photo
अजीत सिंह को पिछले डीजीपी मनोज भट्ट के 31 जुलाई को रिटायर होने के बाद राज्य सरकार ने डीजीपी की गद्दी पर बैठाया था। उनका कार्यकाल सिर्फ चार माह का रहा। ऐसे में उनके एक्सटेंशन के भी कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन राज्य सरकार ने कार्यकाल बढ़ाने की बजाय नए डीजीपी की घोषणा कर दी।
डीजीपी बनने के ठीक पहले गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद नागौर में बिगड़े हालात पर नियंत्रण रखने के लिए भी डीजी अजीत सिंह को भेजा था। जहां उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसी के चलते उन्हें यह पद संभलाया गया था।
इसके साथ ही पीएचक्यू की ओर से राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित सेरेमोनीयल परेड एवं पुलिस मुख्यालय में विदाई समारोह किया जाएगा।
डीजीपी बनने के ठीक पहले गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद नागौर में बिगड़े हालात पर नियंत्रण रखने के लिए भी डीजी अजीत सिंह को भेजा था। जहां उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसी के चलते उन्हें यह पद संभलाया गया था।
इसके साथ ही पीएचक्यू की ओर से राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित सेरेमोनीयल परेड एवं पुलिस मुख्यालय में विदाई समारोह किया जाएगा।