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सीबीएसई की इस गलती पर कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपए का हर्जाना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 15 Sep 2017 07:41 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने शैक्षणिक दस्तावेज में जन्मतिथि की गलती ठीक नहीं करने पर सीबीएसई पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने जन्मतिथि में संशोधन करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश दिव्यांश कोटावाला की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की वास्तविक जन्मतिथि 5 दिसंबर 2000 है, लेकिन शैक्षणिक रिकॉर्ड में गलती से 21 सितंबर 2000 हो गई। जब याचिकाकर्ता के पिता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसएमएस स्कूल प्रशासन को प्रार्थना पत्र पेश किया। याचिका में कहा गया कि सीबीएसई को प्रार्थना पत्र मिलने के बाद भी उन्होंने शैक्षणिक दस्तावेज में जन्मतिथि में संशोधन नहीं किया। वहीं स्कूल प्रशासन की ओर से अधिवक्ता दीपक चौहान ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के प्रार्थना पत्र को सीबीएसई को भेजा गया था। यदि सीबीएसई जन्मतिथि में संशोधन करती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने सीबीएसई पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाया है।
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न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश दिव्यांश कोटावाला की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की वास्तविक जन्मतिथि 5 दिसंबर 2000 है, लेकिन शैक्षणिक रिकॉर्ड में गलती से 21 सितंबर 2000 हो गई। जब याचिकाकर्ता के पिता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसएमएस स्कूल प्रशासन को प्रार्थना पत्र पेश किया। याचिका में कहा गया कि सीबीएसई को प्रार्थना पत्र मिलने के बाद भी उन्होंने शैक्षणिक दस्तावेज में जन्मतिथि में संशोधन नहीं किया। वहीं स्कूल प्रशासन की ओर से अधिवक्ता दीपक चौहान ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के प्रार्थना पत्र को सीबीएसई को भेजा गया था। यदि सीबीएसई जन्मतिथि में संशोधन करती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने सीबीएसई पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाया है।
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