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कौनसे नियमों के तहत मानसून में खोल रहे हो रणथंभौर पार्क - एनटीसीए
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 22 Jun 2017 03:03 PM IST
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फाइल फोटो
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नेशनल टाइगर कजंर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने वन विभाग द्वारा रणथंभौर सहित राजस्थान के तीनों टाइगर रिजर्व को मानसून सीजन में पर्यटकों के लिए खोले जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। एनटीसीए ने वन विभाग के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन जी वी रेड्डी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एनटीसीए ने मानसून सीजन में देश के सभी राज्यों इस को पार्क बंद रखने का आदेश दे रखा था ऐसे में राजस्थान के वन विभाग ने प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना करते हुए इस बार मानसून के दौरान भी पार्क खोलने का फैसला किया। जिसपर एनटीसीए ने अब कड़ी आपत्ति जताते हुए टिप्पणी की है कि वन विभाग ने किन नियमों के तहत मानसून में पार्क को खोले रखने का फैसला किया है।
एनटीसीए ने कहा कि वन विभाग का यह फैसला बाघों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है और मानसून में बाघ दूसरों की मौजूदगी कम ही बर्दाश्त करते हैं।
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एनटीसीए ने मानसून सीजन में देश के सभी राज्यों इस को पार्क बंद रखने का आदेश दे रखा था ऐसे में राजस्थान के वन विभाग ने प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना करते हुए इस बार मानसून के दौरान भी पार्क खोलने का फैसला किया। जिसपर एनटीसीए ने अब कड़ी आपत्ति जताते हुए टिप्पणी की है कि वन विभाग ने किन नियमों के तहत मानसून में पार्क को खोले रखने का फैसला किया है।
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एनटीसीए ने कहा कि वन विभाग का यह फैसला बाघों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है और मानसून में बाघ दूसरों की मौजूदगी कम ही बर्दाश्त करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी अव्हेलना
tiger
- फोटो : google
एनटीसीए के अलावा वन्यजीव प्रेमियों ने भी वन विभाग के इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। कई वन्यजीव विशेषज्ञ तो वन विभाग को इस मामले में कोर्ट में घसीटने तक के लिए तैयार है।
आपको बता दें कि एनटीसीए के आदेशों के अलावा सुप्रीम कोर्ट तक ने मानसून के दौरान अभ्यारण्यों को बंद करने के आदेश जारी किए थे तो ऐसे में माना यही जा रहा है कि वन विभाग ना सिर्फ एनटीसीए के आदेशों की अवहेलना कर रहा है बल्कि सीधे सीधे वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है।
गौरतलब है कि वन विभाग ने हाल ही में राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से प्रदेश के रणथंभौर और सरिस्का बाघ अभ्यारण्य को मानसून में खोले रखने का आदेश दिया है। वन विभाग ने मामले में अपना तर्क रखते हुए यहां तक कहा है कि पर्यटकों के आने से बाघों को कोई परेशानी नहीं होगी।
आपको बता दें कि एनटीसीए के आदेशों के अलावा सुप्रीम कोर्ट तक ने मानसून के दौरान अभ्यारण्यों को बंद करने के आदेश जारी किए थे तो ऐसे में माना यही जा रहा है कि वन विभाग ना सिर्फ एनटीसीए के आदेशों की अवहेलना कर रहा है बल्कि सीधे सीधे वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है।
गौरतलब है कि वन विभाग ने हाल ही में राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से प्रदेश के रणथंभौर और सरिस्का बाघ अभ्यारण्य को मानसून में खोले रखने का आदेश दिया है। वन विभाग ने मामले में अपना तर्क रखते हुए यहां तक कहा है कि पर्यटकों के आने से बाघों को कोई परेशानी नहीं होगी।