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अब रेजीडेंट डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर दी सरकार को ये चेतावनी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 06 Nov 2017 07:39 PM IST
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कैंडल मार्च निकालते रेजीडेंट डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
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प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत सेवारत चिकित्सक जहां हड़ताल पर चले गए हैं वहीं उनके समर्थन में रेजीडेंट डाॅक्टर्स ने कैंडल मार्च निकाला। अजमेर में रेजीडेंट डाॅक्टर्स ने सरकार से सेवारत चिकित्सकों की जायज मांगे पूरी कर मरीजों को राहत देने की मांग की है।
सेवारत चिकित्सक अपनी 33 मांगों को लेकर सोमवार सुबह से सामूहिक इस्तीफे सौंप कर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पीएचसी, सीएचसी सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में आज शाम अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के रेजीडेंट डाॅक्टर्स ने मेडिकल काॅलेज से बजरंगगढ़ चौराहे तक कैण्डल मार्च निकाला।
रेजीडेंट यूनियन के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र ने कहा कि सरकार बेवजह सेवारत चिकित्सकों की मांगे नहीं मानकर प्रताड़ित कर रही है। सरकार को चाहिए कि चिकित्सकों की मांगे मान लें जिससे मरीजों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ती है तो रेजीडेंट को भी हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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सेवारत चिकित्सक अपनी 33 मांगों को लेकर सोमवार सुबह से सामूहिक इस्तीफे सौंप कर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पीएचसी, सीएचसी सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में आज शाम अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के रेजीडेंट डाॅक्टर्स ने मेडिकल काॅलेज से बजरंगगढ़ चौराहे तक कैण्डल मार्च निकाला।
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रेजीडेंट यूनियन के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र ने कहा कि सरकार बेवजह सेवारत चिकित्सकों की मांगे नहीं मानकर प्रताड़ित कर रही है। सरकार को चाहिए कि चिकित्सकों की मांगे मान लें जिससे मरीजों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ती है तो रेजीडेंट को भी हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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