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जानिए, रुचिर मोदी को क्यों जारी हुआ नोटिस
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 07:38 PM IST
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रुचिर मोदी
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रुचिर मोदी, जिला क्रिकेट संघ अलवर और स्पोर्ट्स कौंसिल सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि सहकारिता रजिस्ट्रार की रोक के बावजूद अलवर जिला क्रिकेट संघ के चुनाव कैसे कराए गए।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश अलवर जिला क्रिकेट संघ के सदस्य पवन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता लोकेश शर्मा ने बताया कि अलवर जिला क्रिकेट संघ से जुड़े 15 क्लबों की शिकायत पर सहकारिता रजिस्ट्रार ने वर्ष 2010 में जांच पूरी होने तक डीसीए के चुनाव कराने पर रोक लगाई थी। इसके खिलाफ डीसीए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने रजिस्ट्रार के आदेश पर रोक लगाते हुए दोनों पक्षों को चुनाव नहीं कराने को लेकर पाबंद कर दिया और इस बीच हुए चुनाव को मान्यता नहीं दी। वहीं गत वर्ष याचिका वापस लेने के कारण अदालत ने उसे खारिज कर दिया। जिसके चलते रजिस्ट्रार का आदेश प्रभावी हो गया। याचिका में कहा गया कि रजिस्ट्रार के आदेश प्रभावी होने के बाद डीसीए के चुनाव हुए और रुचिर मोदी को अध्यक्ष घोषित किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश अलवर जिला क्रिकेट संघ के सदस्य पवन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता लोकेश शर्मा ने बताया कि अलवर जिला क्रिकेट संघ से जुड़े 15 क्लबों की शिकायत पर सहकारिता रजिस्ट्रार ने वर्ष 2010 में जांच पूरी होने तक डीसीए के चुनाव कराने पर रोक लगाई थी। इसके खिलाफ डीसीए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने रजिस्ट्रार के आदेश पर रोक लगाते हुए दोनों पक्षों को चुनाव नहीं कराने को लेकर पाबंद कर दिया और इस बीच हुए चुनाव को मान्यता नहीं दी। वहीं गत वर्ष याचिका वापस लेने के कारण अदालत ने उसे खारिज कर दिया। जिसके चलते रजिस्ट्रार का आदेश प्रभावी हो गया। याचिका में कहा गया कि रजिस्ट्रार के आदेश प्रभावी होने के बाद डीसीए के चुनाव हुए और रुचिर मोदी को अध्यक्ष घोषित किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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