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बनास नदी में अवैध खनन पर मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 04 Oct 2017 07:18 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने टोंक जिले के चौथ का बरवाडा स्थित कुछ गांवों में बनास नदी के किनारे अवैध खनन करने पर प्रमुख खान सचिव, सवाईमाधोपुर कलक्टर व खननकर्ता मंगलसिंह सौलंकी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश धनपाल मीणा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता दीपेश ओसवाल ने अदालत को बताया कि मंगलसिंह को चार गांवों में बनास नदी के किनारे बजरी खनन की अनुमति मिली हुई है। जबकि खननकर्ता वर्ष 2013 से यहां के साथ-साथ छह अन्य गांवों में भी बजरी खनन कर रहा है। याचिका में कहा गया कि अवैध खनन से सरकार को हर साल 360 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है।
ऐसे में अवैध खनन को रुकवाकर अब तक किए गए राजस्व के नुकसान की वसूली की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश धनपाल मीणा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता दीपेश ओसवाल ने अदालत को बताया कि मंगलसिंह को चार गांवों में बनास नदी के किनारे बजरी खनन की अनुमति मिली हुई है। जबकि खननकर्ता वर्ष 2013 से यहां के साथ-साथ छह अन्य गांवों में भी बजरी खनन कर रहा है। याचिका में कहा गया कि अवैध खनन से सरकार को हर साल 360 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है।
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ऐसे में अवैध खनन को रुकवाकर अब तक किए गए राजस्व के नुकसान की वसूली की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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