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राजस्थान में भी नहीं होगी मंत्रियों और अफसरों के वाहनों पर लाल बत्ती
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 19 Apr 2017 09:41 PM IST
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मंत्री ने हटाई लाल बत्ती
- फोटो : अमर उजाला
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देश में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का असर राजस्थान में दिखाई दिया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों से लाल बत्ती हटाने के निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए है।
मुख्यमंत्री राजे ने देर शाम ये निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार में लिए गए मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों से लाल बत्ती हटाने के फैसले का स्वागत किया है और राजस्थान प्रदेश में भी इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं कि सभी मंत्री और अधिकारी अपने वाहनों से तुरंत प्रभाव के साथ लाल बत्ती हटा लें।
इससे पहले जैसे ही केन्द्रीय केबिनेट के इस संबंध में लिए फैसले की जानकारी आई, राजस्थान में मंत्रियों ने अपने वाहनों से लालबत्ती हटाना शुरु करवा दिया। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने सबसे पहले अपनी गाड़ी की लाल बत्ती हटाने का फैसला किया। उसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, उद्योग मंत्री राजपाल सिंह, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने भी अपनी—अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटवाई।
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मुख्यमंत्री राजे ने देर शाम ये निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार में लिए गए मंत्रियों और अधिकारियों के वाहनों से लाल बत्ती हटाने के फैसले का स्वागत किया है और राजस्थान प्रदेश में भी इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं कि सभी मंत्री और अधिकारी अपने वाहनों से तुरंत प्रभाव के साथ लाल बत्ती हटा लें।
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इससे पहले जैसे ही केन्द्रीय केबिनेट के इस संबंध में लिए फैसले की जानकारी आई, राजस्थान में मंत्रियों ने अपने वाहनों से लालबत्ती हटाना शुरु करवा दिया। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने सबसे पहले अपनी गाड़ी की लाल बत्ती हटाने का फैसला किया। उसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, उद्योग मंत्री राजपाल सिंह, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने भी अपनी—अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटवाई।
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सीएम बनते ही राजे ने लौटा दी थी लाल बत्ती की सरकारी कार
सीएम बनते ही राजे ने लौटा दी थी लाल बत्ती की सरकारी कार
वसुन्धरा राजे तो जब से सीएम बनी हैं लाल बत्ती लगे वाहन का इस्तेमाल नहीं कर रही। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके लिए राजस्थान सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई लाल बत्ती की कार का उन्होंने उपयोग नहीं किया और उसे उसी दिन वापस लौटा दिया।
वे तब से ही बिना लाल बत्ती की अपनी निजी कार में यात्रा करती हैं सीएम ने यह भी फैसला लिया था कि वे मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित बड़े आवास के स्थान पर पहले से आवंटित छोटे सरकारी मकान में ही रहेंगी। उन्होंने पहले दिन से ही ट्रेफिक सिंग्नल पर आम आदमी की तरह रूकने का भी फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा बेड़े में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या भी आधी कर दी। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर मंत्रिमण्डल के सदस्यों को एसकोर्ट सुविधा नहीं देने का भी निर्णय लिया गया।
राजे ने केन्द्र सरकार के इस फैसले की जानकारी मिलते ही यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिचायक है और यह ‘पीपुल्स फ्रेण्डली’ सरकार के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इससे वीआईपी संस्कृति खत्म होगी और आमजन का सरकार से लगाव बढ़ेगा।
वे तब से ही बिना लाल बत्ती की अपनी निजी कार में यात्रा करती हैं सीएम ने यह भी फैसला लिया था कि वे मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित बड़े आवास के स्थान पर पहले से आवंटित छोटे सरकारी मकान में ही रहेंगी। उन्होंने पहले दिन से ही ट्रेफिक सिंग्नल पर आम आदमी की तरह रूकने का भी फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा बेड़े में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या भी आधी कर दी। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर मंत्रिमण्डल के सदस्यों को एसकोर्ट सुविधा नहीं देने का भी निर्णय लिया गया।
राजे ने केन्द्र सरकार के इस फैसले की जानकारी मिलते ही यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिचायक है और यह ‘पीपुल्स फ्रेण्डली’ सरकार के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। इससे वीआईपी संस्कृति खत्म होगी और आमजन का सरकार से लगाव बढ़ेगा।