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जिनके घर में नहीं टॉयलेट उन्हें दिखाई 'टॉयलेट एक प्रेम कथा'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 28 Aug 2017 05:29 PM IST
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ग्रामीणों ने देखी टॉयलेट एक प्रेम कथा
- फोटो : amar ujala
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स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने और घरों में शौचलय बनवाने के लिए प्रेरित करने की अलग-अलग तरीके से कोशिश की जा रही है।
ऐसी ही कोशिश अलवर में हुई। यहां एक एनजीओ वसुधा जन विकास संस्थान की ओर से अलवर जिले के थानागाजी एवं आसपास इलाकों में रहने वाली 300 से अधिक महिलाओं को 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' दिखाई गई।
इसका मकसद महिलाओं को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना है। एनजीओ वसुधा जन विकास संस्थान ने इसके लिए ऐसी महिलाओं को चुना गया, जिनके घरों में अभी तक भी टॉयलेट नहीं हैं। इस फिल्म में महिलाओं से जुड़े सभी पहलुओं व समस्याओं को कवर किया गया है। महिलाओं को शौचालय बनाने के साथ-साथ उसके उपयोग, लाभ व पर्सनल हाईजीन के लिए प्रेरित किया गया।
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ऐसी ही कोशिश अलवर में हुई। यहां एक एनजीओ वसुधा जन विकास संस्थान की ओर से अलवर जिले के थानागाजी एवं आसपास इलाकों में रहने वाली 300 से अधिक महिलाओं को 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' दिखाई गई।
इसका मकसद महिलाओं को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना है। एनजीओ वसुधा जन विकास संस्थान ने इसके लिए ऐसी महिलाओं को चुना गया, जिनके घरों में अभी तक भी टॉयलेट नहीं हैं। इस फिल्म में महिलाओं से जुड़े सभी पहलुओं व समस्याओं को कवर किया गया है। महिलाओं को शौचालय बनाने के साथ-साथ उसके उपयोग, लाभ व पर्सनल हाईजीन के लिए प्रेरित किया गया।
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