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सीएस की दौड़ में तीन आला आईएएस, कौर को मिल सकता है एडवांटेज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:08 AM IST
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वसुंधरा राजे
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राजस्थान के मुख्य सचिव ओ.पी. मीणा आज रिटायर हो रहे हैं। इसलिए आज ही प्रदेश के नए सीएस का भी ऐलान होना तय माना जा रहा है। अगले महीने नए मुख्य सचिव राजस्थान में नौकरशाही की कमान सम्भालेंगे।
माना जा रहा है कि चुनावी साल को देखते हुए सरकार अपने हितों के अनुसार ही सीएस की तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार वर्ष 1981 बैच की गुरजौत कौर इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि कौर की लॉबिंग केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि कर कर रहे हैं। लॉबिंग केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के माध्यम से की जा रही है।
मुख्य सचिव के पद के लिए तीन नामों की जोर-शोर से चर्चा चल रही है। वन, पर्यावरण और पर्यटन के एसीएस एनसी गोयल, एचसीएम रीपा की एसीएस गुरजौत कौर व एसीएस इंफ्रास्ट्रक्चर डी.बी. गुप्ता, तीनों सीएस की दौड़ में हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन तीनों में से किस को इस आला दर्जे की नौकरशाही सौंपती है।
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हालांकि ओ.पी. मीना के रिटायर होने के बाद 1980 बैच के आईएएस अशोक शेखर सबसे वरिष्ठ होंगे। लेकिन हर सरकार वरिष्ठता तो दरकिनार करते हुए अपने हित के अनुसार मुख्य सचिव की नियुक्ति करती है। माना जा रहा है कि इस बार भी ऐसा ही कुछ होने वाला है और सीएस के लिए शायद अशोक शेखर का नम्बर नहीं आए।
रिटायरमेंट की तारीखों के हिसाब से 1981 बैच की गुरजौत कौर यदि सीएस बनती हैं, तो वे जनवरी 2019 तक इस पद पर रहेंगी। इसके अलावा यदि 1982 के बैच के एन.सी. गोयल को ये कुर्सी दी जाती है, तो वे अप्रेल 2018 तक सीएस बने रहेंगे। इधर, 1983 के बैच के डी.बी. गुप्ता को आला नौकरशाह बनाया जाता हे, तो वे सितम्बर 2020 तक इस जिम्मेदारी को सम्भाल सकते हैं।
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माना जा रहा है कि चुनावी साल को देखते हुए सरकार अपने हितों के अनुसार ही सीएस की तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार वर्ष 1981 बैच की गुरजौत कौर इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि कौर की लॉबिंग केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि कर कर रहे हैं। लॉबिंग केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के माध्यम से की जा रही है।
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मुख्य सचिव के पद के लिए तीन नामों की जोर-शोर से चर्चा चल रही है। वन, पर्यावरण और पर्यटन के एसीएस एनसी गोयल, एचसीएम रीपा की एसीएस गुरजौत कौर व एसीएस इंफ्रास्ट्रक्चर डी.बी. गुप्ता, तीनों सीएस की दौड़ में हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन तीनों में से किस को इस आला दर्जे की नौकरशाही सौंपती है।
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हालांकि ओ.पी. मीना के रिटायर होने के बाद 1980 बैच के आईएएस अशोक शेखर सबसे वरिष्ठ होंगे। लेकिन हर सरकार वरिष्ठता तो दरकिनार करते हुए अपने हित के अनुसार मुख्य सचिव की नियुक्ति करती है। माना जा रहा है कि इस बार भी ऐसा ही कुछ होने वाला है और सीएस के लिए शायद अशोक शेखर का नम्बर नहीं आए।
रिटायरमेंट की तारीखों के हिसाब से 1981 बैच की गुरजौत कौर यदि सीएस बनती हैं, तो वे जनवरी 2019 तक इस पद पर रहेंगी। इसके अलावा यदि 1982 के बैच के एन.सी. गोयल को ये कुर्सी दी जाती है, तो वे अप्रेल 2018 तक सीएस बने रहेंगे। इधर, 1983 के बैच के डी.बी. गुप्ता को आला नौकरशाह बनाया जाता हे, तो वे सितम्बर 2020 तक इस जिम्मेदारी को सम्भाल सकते हैं।