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हवा में 'ट्रैक', हजारों की जान ताक पर रख गुजार दी ट्रेनें
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 03:12 PM IST
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पटरी के नीचे गड्डा भरते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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हवा में लटके रेलवे ट्रैक पर से एक या दो नहीं, पांच ट्रेनें रेलवे की लापरवाही से गुजर गई। यह तो गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।
रेलवे की लापरवाही का यह नमूना राजस्थान की राजधानी जयपुर में नजर आया। यहां पर जयपुर जंक्शन से कुछ किलोमीटर दूर स्थित अर्जुन नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार की रात आई बारिश से कटाव आया।
धीरे-धीरे ये कटाव बढ़ता गया और यहां से गुजर रही जयपुर-सवाई माधोपुर रेलवे लाइन तक पहुंच गया। लाइन के नीचे से भी मिट्टी खिसक गई और करीब दो-ढाई फुट का गड्डा बन गया। पटरी हवा में लटक गई।
बताया जा रहा है कि रेलवे को काफी देर तक रेलवे लाइन के नीचे और आसपास हुए कटाव की सूचना नहीं मिली। जबकि यहां चार-पांच किलोमीटर की दूरी में रेलवे स्टेशन और कई रेलवे क्रॉसिंग हैं।
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रेलवे की लापरवाही का यह नमूना राजस्थान की राजधानी जयपुर में नजर आया। यहां पर जयपुर जंक्शन से कुछ किलोमीटर दूर स्थित अर्जुन नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार की रात आई बारिश से कटाव आया।
धीरे-धीरे ये कटाव बढ़ता गया और यहां से गुजर रही जयपुर-सवाई माधोपुर रेलवे लाइन तक पहुंच गया। लाइन के नीचे से भी मिट्टी खिसक गई और करीब दो-ढाई फुट का गड्डा बन गया। पटरी हवा में लटक गई।
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बताया जा रहा है कि रेलवे को काफी देर तक रेलवे लाइन के नीचे और आसपास हुए कटाव की सूचना नहीं मिली। जबकि यहां चार-पांच किलोमीटर की दूरी में रेलवे स्टेशन और कई रेलवे क्रॉसिंग हैं।
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नहीं रोका गया ट्रेनों को, धड़ाधड़ गुजर गईं पांच ट्रेनें
पटरी के दूसरी तरफ कट्टे डालकर रोका कटाव
- फोटो : अमर उजाला
बारिश होने के कई घंटों बाद रेलवे को यहां हुए कटाव की जानकारी मिली। इसके बाद सोमवार शाम को यहां कर्मचारी पहुंचे और मरम्मत का काम शुरू करवाया। यहां जब कर्मचारी मौजूद थे तब यहां से जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस गुजरी। यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से इसे रुकवाने की कोशिश नहीं की गई।
इसके बाद अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस, पुणे एक्सप्रेस समेत पांच ट्रेंनें हवा में लटकते इस ट्रैक से गुजार दी गईं। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। रेलवे की यह लापरवाही हजारों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी।
इसके बाद अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस, पुणे एक्सप्रेस समेत पांच ट्रेंनें हवा में लटकते इस ट्रैक से गुजार दी गईं। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। रेलवे की यह लापरवाही हजारों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी।