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पथरी का आॅपरेशन करने में बरती लापरवाही, अब लाखों का हर्जाना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 27 Oct 2017 08:11 PM IST
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- फोटो : डेमो
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जयपुर जिला मंच उपभोक्ता संरक्षण क्रम-4 ने पथरी के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने पर भंडारी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पर पांच लाख रुपए का हर्जाना लगाया है।
मंच ने यह आदेश रामस्वरूप देव की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया कि परिवादी पथरी के ऑपरेशन के लिए भंडारी अस्पताल में 25 जनवरी 2012 को भर्ती हुआ। यहां उसका ऑपरेशन कर पथरी निकाली गई, लेकिन लापरवाही बरतते हुए उसकी सीबीडी नस भी काट दी गई। इसके बाद उसे 9 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी दी गई। परिवाद में कहा गया कि परिवादी को इलाज के लिए गुडगांव स्थित मेंदाता अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जहां उसके इलाज में करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्चा आया।
जिस पर सुनवाई करते हुए मंच ने भंडारी अस्पताल पर दो लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि, वसूली गई नब्बे हजार रुपए की फीस, ऑपरेशन के बाद देखभाल पर खर्च हुए पचास हजार रुपए और मेंदाता अस्पताल में खर्च हुए एक लाख 43 हजार रुपए सहित वेतन के तौर पर हुए बीस हजार रुपए के नुकसान के साथ-साथ पांच हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर अदा करने के आदेश दिए हैं।
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मंच ने यह आदेश रामस्वरूप देव की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया कि परिवादी पथरी के ऑपरेशन के लिए भंडारी अस्पताल में 25 जनवरी 2012 को भर्ती हुआ। यहां उसका ऑपरेशन कर पथरी निकाली गई, लेकिन लापरवाही बरतते हुए उसकी सीबीडी नस भी काट दी गई। इसके बाद उसे 9 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी दी गई। परिवाद में कहा गया कि परिवादी को इलाज के लिए गुडगांव स्थित मेंदाता अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जहां उसके इलाज में करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्चा आया।
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जिस पर सुनवाई करते हुए मंच ने भंडारी अस्पताल पर दो लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि, वसूली गई नब्बे हजार रुपए की फीस, ऑपरेशन के बाद देखभाल पर खर्च हुए पचास हजार रुपए और मेंदाता अस्पताल में खर्च हुए एक लाख 43 हजार रुपए सहित वेतन के तौर पर हुए बीस हजार रुपए के नुकसान के साथ-साथ पांच हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर अदा करने के आदेश दिए हैं।
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