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दूदू में शिकारियों के निशाने पर राष्ट्रीय पक्षी, 18 मोर मिले मृत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 24 Jun 2017 03:36 PM IST
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जयपुर जिले के दूदू में शनिवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार करने की घटना सामने आई है। इसके बाद से ही पूरे इलाके में वन्यजीव प्रेमियों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, दूदू के कपाड़ियावासकलां गांव में शनिवार को मोर का शिकार करने का मामला सामने आया है। सुबह जब ग्रामीणों ने एक खेत में खेत में मोर मृत अवस्था में देखें तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने जब यहां देखा तो 18 मोर मरे हुए मिले। विभाग ने सभी मृत मोरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
जांच में सामने आया है कि इन मोरों का शिकार करने के मकसद से जहरीला दाना खिलाया गया है जिसके बाद इनकी मौत हो गई। आसपास के इलाके में पुलिस ने शिकारियों की तलाश भी शुरू कर दी है। उधर, राष्ट्रीय पक्षी के जीवन पर मंडरा रहे शिकारियों के संकट के बाद वन्यजीव प्रेमियों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन मोर का शिकार करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले बूंदी में भी मोर का शिकार करने की घटनाएं सामने आई थी। जिसके बाद पुलिस ने यहां शिकारियों को गिरफ्तार भी किया था।
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जानकारी के अनुसार, दूदू के कपाड़ियावासकलां गांव में शनिवार को मोर का शिकार करने का मामला सामने आया है। सुबह जब ग्रामीणों ने एक खेत में खेत में मोर मृत अवस्था में देखें तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने जब यहां देखा तो 18 मोर मरे हुए मिले। विभाग ने सभी मृत मोरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
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जांच में सामने आया है कि इन मोरों का शिकार करने के मकसद से जहरीला दाना खिलाया गया है जिसके बाद इनकी मौत हो गई। आसपास के इलाके में पुलिस ने शिकारियों की तलाश भी शुरू कर दी है। उधर, राष्ट्रीय पक्षी के जीवन पर मंडरा रहे शिकारियों के संकट के बाद वन्यजीव प्रेमियों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन मोर का शिकार करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले बूंदी में भी मोर का शिकार करने की घटनाएं सामने आई थी। जिसके बाद पुलिस ने यहां शिकारियों को गिरफ्तार भी किया था।
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