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गुजरात में जन्मी बच्ची के लिए राजस्थान से लेकर गए 'मां का दूध'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 18 Oct 2017 03:12 PM IST
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गुजरात में जन्मी प्री-मैच्योर बेबी की जान बचाने के लिए राजस्थान से मां का दूध भेजा गया। इसके लिए सरकार से विशेष मंजूरी ली गई।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के उदयपुर स्थित सांई तिरुपति यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार देवेंद्र जैन की पत्नी के अहमदाबाद में प्री-मैच्योर डिलिवरी हुई। डॉक्टरों के अनुसार दिए गए निर्धारित समय से एक महिने पहले जन्मी बच्ची स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कमजोर थी। जन्म के समय अगस्त में बच्ची का वजन केवल 850 ग्राम बताया गया। ऐसे में उसे स्वस्थ रखने के लिए मां के दूध की जरूरत थी, लेकिन प्री-मैच्योर डिलिवरी होने के कारण मां के दूध उसे नहीं मिल सका। फिर इंतजार किया, लेकिन समस्या जस की तस रही। दो महीने गुजरने के बाद भी बच्ची का वजन केवल 1360 ग्राम ही दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के उदयपुर स्थित सांई तिरुपति यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार देवेंद्र जैन की पत्नी के अहमदाबाद में प्री-मैच्योर डिलिवरी हुई। डॉक्टरों के अनुसार दिए गए निर्धारित समय से एक महिने पहले जन्मी बच्ची स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कमजोर थी। जन्म के समय अगस्त में बच्ची का वजन केवल 850 ग्राम बताया गया। ऐसे में उसे स्वस्थ रखने के लिए मां के दूध की जरूरत थी, लेकिन प्री-मैच्योर डिलिवरी होने के कारण मां के दूध उसे नहीं मिल सका। फिर इंतजार किया, लेकिन समस्या जस की तस रही। दो महीने गुजरने के बाद भी बच्ची का वजन केवल 1360 ग्राम ही दर्ज किया गया।
फिर सामने आई ये मुसीबत
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बच्ची का जीवन बचाने के लिए पिता के सामने चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद देवेंद्र ने उदयपुर के दिव्य मदर मिल्क बैंक से संपर्क किया।
मदर मिल्क बैंक के प्रभारी डॉ.बी.एल.मेघवाल ने बताया कि उन्हें बच्ची के लिए मां का दूध देने के लिए जैन ने संपर्क किया, लेकिन वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकते थे। इसका कारण था कि मदर मिल्क बैंक द्वारा राज्य में ही इसकी सप्लाई की जा सकती थी, राज्य से बाहर नहीं।
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए राजस्थान की सरकार से मानवीय आधार पर विशेष मंजूरी ली गई और फिर मदर मिल्क बैंक से दूध अहमदाबाद के लिए भेजा गया। सरकार ने पिछले दिनों छह महीने के लिए मां का दूध उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। इसके बाद से मां का दूध सड़क मार्ग द्वारा तीन घंटे के सफर के बाद अहमदाबाद पहुंचाया जा रहा है। जैन ने बताया कि मां का दूध पिलाने के बाद अब बेटी का वजन बढ़ने लगा है।
मदर मिल्क बैंक के प्रभारी डॉ.बी.एल.मेघवाल ने बताया कि उन्हें बच्ची के लिए मां का दूध देने के लिए जैन ने संपर्क किया, लेकिन वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकते थे। इसका कारण था कि मदर मिल्क बैंक द्वारा राज्य में ही इसकी सप्लाई की जा सकती थी, राज्य से बाहर नहीं।
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए राजस्थान की सरकार से मानवीय आधार पर विशेष मंजूरी ली गई और फिर मदर मिल्क बैंक से दूध अहमदाबाद के लिए भेजा गया। सरकार ने पिछले दिनों छह महीने के लिए मां का दूध उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। इसके बाद से मां का दूध सड़क मार्ग द्वारा तीन घंटे के सफर के बाद अहमदाबाद पहुंचाया जा रहा है। जैन ने बताया कि मां का दूध पिलाने के बाद अब बेटी का वजन बढ़ने लगा है।