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महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल, विक्षिप्त गर्भवती सड़क पर ही बनी मां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 23 Sep 2017 07:37 PM IST
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प्रदेश में आज एक घटना ने महिला सुरक्षा से लेकर जननी सुरक्षा तक के सरकारी दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। यहां एक विक्षिप्त महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बावजूद एक घंटे तक भी महिला को इलाज नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, एक विक्षिप्त महिला ने आज उदयुपर के कोर्ट चौराहे पर प्रसव पीड़ा के चलते सड़क पर ही बच्चे का जन्म दे दिया। ये देख यहां तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने उसकी मदद करने की कोशिश तक नहीं की। हालांकि, लोगों ने 108 एंबुलेंस को जरूर सूचित कर दिया। इसके बावजूद यहां करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। जबकि यहां से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर ही जनाना अस्पताल स्थित है। इस दौरान यहां दो नर्सिंग कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए प्रसूता महिला को एक ऑटो के जरिये अस्पताल पहुंचाया।
वहीं, घटना ने सरकार के महिला सुरक्षा और जननी सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक विक्षिप्त महिला नौ महीने तक गर्भवती होने पर सड़कों पर ही घूमती रही? उसे समय पर संभाला नहीं गया? बच्चे का पिता कौन है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब अब प्रशासन के सामने है।
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जानकारी के अनुसार, एक विक्षिप्त महिला ने आज उदयुपर के कोर्ट चौराहे पर प्रसव पीड़ा के चलते सड़क पर ही बच्चे का जन्म दे दिया। ये देख यहां तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने उसकी मदद करने की कोशिश तक नहीं की। हालांकि, लोगों ने 108 एंबुलेंस को जरूर सूचित कर दिया। इसके बावजूद यहां करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। जबकि यहां से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर ही जनाना अस्पताल स्थित है। इस दौरान यहां दो नर्सिंग कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए प्रसूता महिला को एक ऑटो के जरिये अस्पताल पहुंचाया।
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वहीं, घटना ने सरकार के महिला सुरक्षा और जननी सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक विक्षिप्त महिला नौ महीने तक गर्भवती होने पर सड़कों पर ही घूमती रही? उसे समय पर संभाला नहीं गया? बच्चे का पिता कौन है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब अब प्रशासन के सामने है।
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