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लाड़ले की लाश के साथ मां—बाप को मोर्चरी में बंद कर चला गया वार्ड बॉय
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 12 Jun 2017 07:35 PM IST
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dead body
- फोटो : demo
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राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल की मोर्चरी का वार्ड बॉय में एक शव के साथ उसके जिंदा माता—पिता को बंद कर चला गया। विवाद बढ़ा तो अस्पताल प्रशासन ने वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया है।
घटना शनिवार की है। प्रतापगढ़ के पीपलखूंट थाना क्षेत्र के रहने वाले रमेश मीणा का बेटा छोटू पेड़ से गिरकर घायल हो गया था। उसे प्रतापगढ जिला अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने देर रात दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को वार्ड बॉय राम प्रसाद धोबी केसाथ मोर्चरी में भेज दिया।
वार्ड बॉय ने जब शव को मोर्चरी में रखकर रमेश और उसकी पत्नी को बाहर जाने के लिए कहा। बेटे की मौत के गम में डूबी रमेश की पत्नी वहां से जाने को तैयार नहीं हुई। कुछ देर जद्दोजहद करने के बाद वार्ड बॉय रामप्रसाद वहां से चला गया, लेकिन जाते समय रमेश और उसकी पत्नी को भी मोर्चरी में बंद कर दिया। उस समय रात के करीब चार बजे थे। सुबह होने पर अस्पताल प्रशासन को जानकारी मिली तो हंगामा मच गया। आनन—फानन में मोर्चरी का ताला खुलवाकर करीब सात बजे इन दोनों को बाहर निकलवाया गया।
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अस्पताल प्रशासन इस गंभीर मामले में लीपापोती करने लगा, लेकिन मामला बढ़ गया तो इस शर्मनाक घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए सोमवार को वार्ड बॉय को निलंबित कर दिया।
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घटना शनिवार की है। प्रतापगढ़ के पीपलखूंट थाना क्षेत्र के रहने वाले रमेश मीणा का बेटा छोटू पेड़ से गिरकर घायल हो गया था। उसे प्रतापगढ जिला अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने देर रात दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को वार्ड बॉय राम प्रसाद धोबी केसाथ मोर्चरी में भेज दिया।
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वार्ड बॉय ने जब शव को मोर्चरी में रखकर रमेश और उसकी पत्नी को बाहर जाने के लिए कहा। बेटे की मौत के गम में डूबी रमेश की पत्नी वहां से जाने को तैयार नहीं हुई। कुछ देर जद्दोजहद करने के बाद वार्ड बॉय रामप्रसाद वहां से चला गया, लेकिन जाते समय रमेश और उसकी पत्नी को भी मोर्चरी में बंद कर दिया। उस समय रात के करीब चार बजे थे। सुबह होने पर अस्पताल प्रशासन को जानकारी मिली तो हंगामा मच गया। आनन—फानन में मोर्चरी का ताला खुलवाकर करीब सात बजे इन दोनों को बाहर निकलवाया गया।
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अस्पताल प्रशासन इस गंभीर मामले में लीपापोती करने लगा, लेकिन मामला बढ़ गया तो इस शर्मनाक घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए सोमवार को वार्ड बॉय को निलंबित कर दिया।