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सरकारी स्कूलों के रिजल्ट से मंत्री खुश हुए !
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 03:38 PM IST
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वासुदेव देवनानी
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माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के रिजल्ट के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। सोमवार को आए सीनियर सैकेंडरी विज्ञान और वाणिज्य के रिजल्ट के बाद ऐसा नहीं हुआ। इस रिजल्ट को देख शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई।
शिक्षा राज्य मंत्री ने परिणाम जारी करने के साथ ही सरकारी स्कूलों की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि इस बार सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम पिछले सालों की तुलना में बेहतर रहा है। वे यह भी कहते हुए नजर आए कि प्राइवेट के परिणामों में जहां तीन फीसदी बढ़ोतरी हुई है, वहीं सरकारी स्कूलों के परिणाम में 11 फीसदी की वृद्धि हुई है।
मंत्री देवनानी ने कहा कि हमारे लिए खुशी की बात है कि सरकारी स्कूलों में इस तरह के परिणाम सामने आए हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों को बधाई दी और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों अच्छा रिजल्ट बताता है कि गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
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सरकारी स्कूलों में विज्ञान के परीक्षा परिणामों में 11 फीसदी वृद्धि हुई है। इस विषय में 75 फीसदी अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या गत वर्ष 7.25 फीसदी थी, जबकि इस साल 16.76 प्रतिशत विद्यार्थी 75 फीसदी अंक लाए है। इसी तरह कॉमर्स में राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम 5 फीसदी बढ़ा है। इसमें 75 फीसदी लाने वालों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या अब 3.75 फीसदी से बढ़कर 6.96 फीसदी तक हो गया है। साठ फीसदी लाने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या भी दुगुनी हुई है।
चर्चाएं ये भी रही कि इस बार मैरिट जारी नहीं करने के पीछे एक कारण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का मैरिट में स्थान न आना भी रहा है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ सालों से मैरिट में ज्यादा तर स्थानों पर प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट्स ही काबिज होते नजर आते हैं।
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शिक्षा राज्य मंत्री ने परिणाम जारी करने के साथ ही सरकारी स्कूलों की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि इस बार सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम पिछले सालों की तुलना में बेहतर रहा है। वे यह भी कहते हुए नजर आए कि प्राइवेट के परिणामों में जहां तीन फीसदी बढ़ोतरी हुई है, वहीं सरकारी स्कूलों के परिणाम में 11 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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मंत्री देवनानी ने कहा कि हमारे लिए खुशी की बात है कि सरकारी स्कूलों में इस तरह के परिणाम सामने आए हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों को बधाई दी और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों अच्छा रिजल्ट बताता है कि गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
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सरकारी स्कूलों में विज्ञान के परीक्षा परिणामों में 11 फीसदी वृद्धि हुई है। इस विषय में 75 फीसदी अंक लाने विद्यार्थियों की संख्या गत वर्ष 7.25 फीसदी थी, जबकि इस साल 16.76 प्रतिशत विद्यार्थी 75 फीसदी अंक लाए है। इसी तरह कॉमर्स में राजकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम 5 फीसदी बढ़ा है। इसमें 75 फीसदी लाने वालों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या अब 3.75 फीसदी से बढ़कर 6.96 फीसदी तक हो गया है। साठ फीसदी लाने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की संख्या भी दुगुनी हुई है।
चर्चाएं ये भी रही कि इस बार मैरिट जारी नहीं करने के पीछे एक कारण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का मैरिट में स्थान न आना भी रहा है। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ सालों से मैरिट में ज्यादा तर स्थानों पर प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट्स ही काबिज होते नजर आते हैं।