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300 साल पुरानी बावड़ी का वैभव लौटाने के लिए मंत्री ने उठाई तगारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Jun 2017 06:49 PM IST
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श्रमदान करते प्रभुलाल सैनी
- फोटो : Amar Ujala
कोटा की तीन सौ साल पुरानी बावड़ी के वैभव को लौटाने के लिए शुक्रवार को कृषि मंत्री ने तगारी उठाकर श्रमदान किया।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत यहां स्थित रियायतकालीन बावड़ी पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कोटा शहरी क्षेत्र में जिला प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी भी मौजूद थे। उन्होंने यहां मौजूद सैकड़ों लोगों के साथ श्रमदान किया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जल स्त्रोतों के संरक्षण की हमारी पुरातन परम्परा रही है, इसे बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि कोटा शहर में 107 कार्यों का अभियान के तहत चयन किया गया है, जिस पर 1 करोड़ 85 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
नगर निगम की ओर से जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता के निर्देशन में शहर में सात बावड़ियों पर शुक्रवार को एक साथ श्रमदान किया गया, इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों ने शिरकत कर परम्परागत जल स्रोतों की सफाई की। सात बावड़ियों में उम्मेदगंज प्राचीन गेट के सामने, रंगबाड़ी मंदिर, झरनेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी, शिव मंदिर कुण्ड कंसुआ, दानबाड़ी दादाबाड़ी, दुधाधारी मंदिर लाडपुरा बावड़ी में श्रमदान किया गया।
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मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत यहां स्थित रियायतकालीन बावड़ी पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कोटा शहरी क्षेत्र में जिला प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी भी मौजूद थे। उन्होंने यहां मौजूद सैकड़ों लोगों के साथ श्रमदान किया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जल स्त्रोतों के संरक्षण की हमारी पुरातन परम्परा रही है, इसे बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि कोटा शहर में 107 कार्यों का अभियान के तहत चयन किया गया है, जिस पर 1 करोड़ 85 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
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नगर निगम की ओर से जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता के निर्देशन में शहर में सात बावड़ियों पर शुक्रवार को एक साथ श्रमदान किया गया, इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों ने शिरकत कर परम्परागत जल स्रोतों की सफाई की। सात बावड़ियों में उम्मेदगंज प्राचीन गेट के सामने, रंगबाड़ी मंदिर, झरनेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी, शिव मंदिर कुण्ड कंसुआ, दानबाड़ी दादाबाड़ी, दुधाधारी मंदिर लाडपुरा बावड़ी में श्रमदान किया गया।
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