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बांसवाड़ा उपद्रव: भडकाऊ मैसेज पड़ेगा भारी, जुलूस में नहीं दिखेंगे हथियार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 May 2017 09:04 PM IST
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बांसवाड़ा में उपद्रव के बाद जारी कर्फ्यू में ढील के बाद बृहस्पतिवार को निर्णय लिया गया कि सभी तरह की भडकाऊ मैसेज पर अब पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही, किसी भी समुदाय के रैली—जुलूस में कोई हथियार प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्यमंत्री धनसिंह रावत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए। रावत ने कहा कि शहर का हर व्यक्ति शांति चाहता है और अब तक फैली अशांति को नियंत्रण में करने का काम हम सभी का है। उन्होंने सरकार की तरफ से शहर में असामाजिक गतिविधियों और अवैध धंधों को रोकने के लिए पुख्ता कार्रवाई करने सहित बिना भेदभाव के हर पीड़ित को मदद करने के लिए लोगों को आश्वस्त किया। बैठक में संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर ने कहा कि गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।
जिला कलक्टर भगवती प्रसाद ने बताया कि शहर में तनाव के दौरान एक करोड़ 81 लाख रुपयों के नुकसान पर पीड़ितों के लिए 31 लाख 65 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसके तहत घर/दुकान की संरचना के पूर्ण रूप से नुकसान वाले 55 पीड़ितों को पचास-पचास हजार रुपए, आंशिक रूप से नुकसान पर 20 पीड़ितों को पांच-पांच हजार, आगजनी अथवा कृषि सम्पत्ति और दुकान में रखे सामान का नुकसान होने पर 72 पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपए तथा जीविकोपार्जन साधन आदि के नुकसान पर 33 पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि अब शहर में किसी भी समुदाय के जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान कलक्टर ने कहा कि शहर में धारा 144 का प्रावधान लागू रहेंगे और कोई भी जुलूस बिना अनुमति नहीं निकल सकेगा साथ ही, कोई भी व्यक्ति व्हाट्स अप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अशांति फैलाने वाली पोस्ट नहीं भेजेगा। ऐसा करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्यमंत्री धनसिंह रावत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए। रावत ने कहा कि शहर का हर व्यक्ति शांति चाहता है और अब तक फैली अशांति को नियंत्रण में करने का काम हम सभी का है। उन्होंने सरकार की तरफ से शहर में असामाजिक गतिविधियों और अवैध धंधों को रोकने के लिए पुख्ता कार्रवाई करने सहित बिना भेदभाव के हर पीड़ित को मदद करने के लिए लोगों को आश्वस्त किया। बैठक में संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर ने कहा कि गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।
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जिला कलक्टर भगवती प्रसाद ने बताया कि शहर में तनाव के दौरान एक करोड़ 81 लाख रुपयों के नुकसान पर पीड़ितों के लिए 31 लाख 65 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसके तहत घर/दुकान की संरचना के पूर्ण रूप से नुकसान वाले 55 पीड़ितों को पचास-पचास हजार रुपए, आंशिक रूप से नुकसान पर 20 पीड़ितों को पांच-पांच हजार, आगजनी अथवा कृषि सम्पत्ति और दुकान में रखे सामान का नुकसान होने पर 72 पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपए तथा जीविकोपार्जन साधन आदि के नुकसान पर 33 पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि अब शहर में किसी भी समुदाय के जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान कलक्टर ने कहा कि शहर में धारा 144 का प्रावधान लागू रहेंगे और कोई भी जुलूस बिना अनुमति नहीं निकल सकेगा साथ ही, कोई भी व्यक्ति व्हाट्स अप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अशांति फैलाने वाली पोस्ट नहीं भेजेगा। ऐसा करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।