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मंदिर माफी की जमीन से हटाई जाएगी मार्बल मंडी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Jul 2017 09:08 PM IST
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अजमेर के किशनगढ़ स्थित मंदिर माफी की जमीन से मार्बल मंडी दो अगस्त को हटाई जाएगी। राजस्थान हाईकोर्ट में आज राज्य सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ के समक्ष मंदिर श्रीरघुनाथजी महाराज, किशनगढ़ की ओर से दायर याचिका में सुनवाई के दौरान एएजी धर्मवीर ठोलिया ने यह जानकारी दी। एएजी ने अदालत को बताया कि मार्बल व्यवसायियों के अभ्यावेदनों को खारिज कर तय किया है कि इस भूमि को अकृषि कार्य के लिए नियमित नहीं किया जा सकता। इस संबंध में गत 18 जुलाई को स्थानीय प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई। जिसमें तय किया गया कि आगामी 2 अगस्त को मंदिर माफी की इस भूमि से मार्बल व्यवसायियों को हटाया जाएगा।
मामले के अनुसार हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गत 27 जनवरी को राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह इस संबंध में 31 जनवरी तक पेश आपत्तियों को एक माह में तय करे। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से एकलपीठ में याचिका दायर कर मंदिर माफी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार की। जिस पर सुनवाई करते हुए गत दिनों अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में जानकारी पेश करने को कहा था।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ के समक्ष मंदिर श्रीरघुनाथजी महाराज, किशनगढ़ की ओर से दायर याचिका में सुनवाई के दौरान एएजी धर्मवीर ठोलिया ने यह जानकारी दी। एएजी ने अदालत को बताया कि मार्बल व्यवसायियों के अभ्यावेदनों को खारिज कर तय किया है कि इस भूमि को अकृषि कार्य के लिए नियमित नहीं किया जा सकता। इस संबंध में गत 18 जुलाई को स्थानीय प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई। जिसमें तय किया गया कि आगामी 2 अगस्त को मंदिर माफी की इस भूमि से मार्बल व्यवसायियों को हटाया जाएगा।
मामले के अनुसार हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गत 27 जनवरी को राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह इस संबंध में 31 जनवरी तक पेश आपत्तियों को एक माह में तय करे। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से एकलपीठ में याचिका दायर कर मंदिर माफी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार की। जिस पर सुनवाई करते हुए गत दिनों अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में जानकारी पेश करने को कहा था।
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