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इस गांव में बसते हैं हाथी, 'हाथी गांव' को देखने उमड़ने लगे सैलानी

Fri, 11 Aug 2017 12:53 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 11 Aug 2017 12:53 PM IST
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Many tourists arrived at Hathi village
हाथी गांव में पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
एक गांव एेसा भी है, जिसे हाथियों के लिए ही बसाया गया है। अपनी तरह के इस खास हाथी गांव में सैलानी हाथी और उनके महावतों के जीवन को बेहद करीब से देख रहे हैं। किस तरह हाथियों को पाला जाता है और महावतों के परिवार कैसे जी रहे हैं, ये सब कुछ सैलानी बारीकी से देख रहे हैं।
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जयपुर के पास दिल्ली रोड पर बसे हाथी गांव में टिकट सिस्टम से प्रवेश शुरू करने के बाद सैलानी नजर आने लगे हैं। यहां सबसे ज्यादा रोचक तो हाथी की सवारी और पानी में उन्हें नहलाते हुए देखना है। हाथी गांव में एंट्री के लिए राज्य सरकार ने टिकट सिस्टम प्रणाली हाल ही में शुरू की गई है। इस सिस्टम में भारतीय पर्यटक से 50 रुपए और विदेशी पर्यटक से 300 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है।
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अब पर्यटकों ने टिकट लेकर हाथी गांव की सैर का लुत्फ उठाना शुरू कर दिया है। टिकट लेकर हाथी गांव धुमने वाले पर्यटकों का उत्साह देखने ही बनता है। बताया जा रहा है कि पर्यटकों से प्राप्त आय हाथी वेलफेयर सोसायटी के खाते में जमा करवाई जाएगी, जिसे हाथी गांव के विकास में खर्च किया जाएगा।
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राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर के निकट वर्ष 2008 में बसाए गए इस गांव में 47 हथिनियां और 4 हाथी हैं। ये सभी केरल, असम सहित अन्य स्थानों से लाए गए हैं।

हाथियों के बने हैं स्वीमिंग पूल, इन्हें मजे से नहाते हुए देखें

Many tourists arrived at Hathi village
हाथी गांव - फोटो : अमर उजाला
यहां हाथियों के लिए स्वीमिंग पूल बने हुए हैं, जिनमें हाथी खुद नहाते हैं और महावत भी उन्हें पूरे मजे से नहलाता है। हाथी गांव में हाथियों की पूरी देखभाल की जाती है, जिसे देखने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक हाथी गांव में हाथियों को मौसम के अनुसार खाना दिया जाता हैं। हाथियों को चारे के साथ गन्ना, हरा चारा, केले, गुड़ और घी दिया जाता है। एक हाथी एक दिन में तकरीबन 200 से 250 किलोग्राम तक चारा खाता है।

राजस्थान सरकार की ओर से हाथियों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए 4 डॉक्टरों की टीम लगाई गई है, जो प्रतिदिन आकर हाथियों का चैकअप करती है।
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