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हे प्रभु ये कैसा न्याय! कहीं नदी-नाले लबालब और यहां धरती अभी है प्यासी

Wed, 26 Jul 2017 05:03 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 26 Jul 2017 05:03 PM IST
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many districts in rajasthan facing deficit rainfall despite of flood in few cities
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मरु प्रदेश कहलाए जाने वाले राजस्थान  में एक तरफ जहां भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में कई जिले ऐसे भी हैं जिन्हें अब भी बारिश का इंतजार है। आमतौर पर राजस्थान के पश्चिमी इलाके जहां दूर दूर तक केवल रेत का समंदर दिखाई पड़ता है वहां इस बार बाढ़ की स्थितियां बनने लगी है तो वहीं दूसरी ओर मानसून के दौरान पानी से सराबोर रहने वाले राजस्थान के हाड़ौती और शेखावाटी जैसे अंचलों को अभी तक बारिश का इंतजार है।
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हालात ऐसे हैं कि शेखावाटी में तो किसानों की आस की डोर ही टूटने लगी है और वो भारी चिंता में डूबे हैं। बताया गया है कि शेखावाटी के कई हिस्सों में बरसात के नहीं होने से किसानों के खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच चुकी है।
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कम बरसात के चलते सीकर जिले के कई गांवों में बोई गई बाजारा, ज्वार और मूंगफली की फसल अब जलने लगी है जिसे लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरे आना शुरू हो गई है। सीकर जिले में अभी तक उतनी बरसात नहीं हुई जितनी हर साल उम्मीद रहती है।
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इसी के चलते खेतों में खड़ी किसानों की फसले पानी की कमी से सूखने लग गई है और खेतों की जमीन में भी पानी की कमी नजर आ रही है। यहां किसानों का साफ मानना है की अगर जल्द ही तेज बरसात नहीं हुई तो उनके खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। 

राजस्थान का चेरापूंजी भी सूखा

many districts in rajasthan facing deficit rainfall despite of flood in few cities
सीकर में बर्बाद होने के कगार पर खड़ी फसल
हर साल मानसून के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज करने वाले हाड़ौती अंचल में इस बार ना के बराबर ही बारिश हुई है। हैरानी की बात तो ये है कि राजस्थान का चेरापूंजी कहे जाने वाले झालावाड़ जिले में मानसून के लगभग एक महीने से भी ज्यादा बीत जाने के बाद बारिश को कोई अता पता नहीं है। 

आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के अलवर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, कोटा और सवाईमाधोपुर में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है वहीं भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, सीकर और टोंक जिलों में सामान्य बारिश ही दर्ज की गई है। आपको बता दें कि इनमें से लगभग सभी जिले ऐसे हैं जहां हर साल मानसून के दौरान सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की जाती है। 
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