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यहां लंगूर बने 'गार्ड', जानिए किससे करेंगे ये लोगों की सुरक्षा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 16 Sep 2017 07:00 PM IST
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लंगूर
- फोटो : अमर उजाला
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भागवत कथा का आयोजन और उसमें लोगों की सुरक्षा करने के लिए तैनात होंगे लंगूर। जी हां, अजीब सी लगने वाली यह बात सच है।
लंगूर उन बंदरों पर लगाम लगाएंगे जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। दरअसल, राजस्थान के भरतपुर में कामां कस्बे में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा में आठ दिनों तक भागवत कथा का आयोजन होगा। अब बंदरों पर लगाम कौन लगाए, इस सवाल के जवाब में लंगूरों का नाम ध्यान आया। कथा सुनने के लिए जो भक्त आएंगे उनकी व सामान की सुरक्षा के लिए चार बंदरों को तैनात किया गया है।
ऐसा कहा जाता है कि जहां लंगूर होते है वहां बंदर नहीं आते है। लंगूर बंदर की तुलना कम खतरनाक होते है। कामां में बंदरों की काफी समस्या है। यहां बंदर राह चलते लोगों का सामान तक ले भागते है।
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लंगूर उन बंदरों पर लगाम लगाएंगे जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं। दरअसल, राजस्थान के भरतपुर में कामां कस्बे में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा में आठ दिनों तक भागवत कथा का आयोजन होगा। अब बंदरों पर लगाम कौन लगाए, इस सवाल के जवाब में लंगूरों का नाम ध्यान आया। कथा सुनने के लिए जो भक्त आएंगे उनकी व सामान की सुरक्षा के लिए चार बंदरों को तैनात किया गया है।
ऐसा कहा जाता है कि जहां लंगूर होते है वहां बंदर नहीं आते है। लंगूर बंदर की तुलना कम खतरनाक होते है। कामां में बंदरों की काफी समस्या है। यहां बंदर राह चलते लोगों का सामान तक ले भागते है।
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मुरादाबाद से लाए गए हैं ये लंगूर
लंगूर
- फोटो : DEMO PHOTO
इन लंगूरों को मुरादाबाद से लाया गया है। ब्रज यात्रियों व उनके सामान की सुरक्षा के लिए पांडाल के चारों तरफ चार लंगूर तैनात किए गए है।
ये लंगूर पांडाल के इर्द-गिर्द रहकर पांडाल की सुरक्षा करेंगे।पंचमपीठ गोकुल चंद्रमा जी मंदिर गोस्वामी बल्लभाचार्य महाराज के सानिध्य में शुरू हो रही ब्रज यात्रा 2017 का शनिवार से कामां में आठ दिवसीय पड़ाव रहेगा।
ये लंगूर पांडाल के इर्द-गिर्द रहकर पांडाल की सुरक्षा करेंगे।पंचमपीठ गोकुल चंद्रमा जी मंदिर गोस्वामी बल्लभाचार्य महाराज के सानिध्य में शुरू हो रही ब्रज यात्रा 2017 का शनिवार से कामां में आठ दिवसीय पड़ाव रहेगा।