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भंवरी हत्याकांड: वकीलों ने इंद्रा को बताया मानसिक रूप से बीमार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 08 Jun 2017 04:26 PM IST
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इंद्रा विश्नोई
- फोटो : amar ujala
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बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले की आरोपी इन्द्रा विश्नोई की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की गई याचिका पर जोधपुर में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान इंद्रा के वकीलों ने रिमांड का विरोध जताया।
जस्टिस पीके लोहरा की अदालत में करीब दो घंटे तक आरोपी इन्द्रा विश्नोई के अधिवक्ता हेमन्त नाहटा, फरजंद अली और संजय विश्नोई ने पक्ष रखते हुए इन्द्रा को बीमार बताया। साथ ही, इंद्रा को रिमांड पर लेने का भी विरोध जताया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि आजकल हर बड़े मामले में मीडिया ट्रायल हो रहा है, चाहे अभियोजन हो या बचाव पक्ष, दोनों ओर से बयानवाजी होती है। मीडिया कोर्ट के आदेश आने से पहले ही खबरें चलाता है जो कि गलत है।
कोर्ट ने कहा कि कुछ चैनल और अखबार जल्दबाजी करते है जो सही नहीं है। वहीं, इन्द्रा के बीमार होने के पक्ष पर कोर्ट ने कहा कि अब बीमार है तो पांच साल तक सरेंडर क्यों नहीं किया गया। इन्द्रा के अधिवक्ताओं ने सीबीआई के रिमांड, क्षेत्राधिकार व अन्य बिंदुओं को लेकर अपनी ओर से पक्ष रखा। उसके बाद कोर्ट ने याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा है।
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जस्टिस पीके लोहरा की अदालत में करीब दो घंटे तक आरोपी इन्द्रा विश्नोई के अधिवक्ता हेमन्त नाहटा, फरजंद अली और संजय विश्नोई ने पक्ष रखते हुए इन्द्रा को बीमार बताया। साथ ही, इंद्रा को रिमांड पर लेने का भी विरोध जताया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि आजकल हर बड़े मामले में मीडिया ट्रायल हो रहा है, चाहे अभियोजन हो या बचाव पक्ष, दोनों ओर से बयानवाजी होती है। मीडिया कोर्ट के आदेश आने से पहले ही खबरें चलाता है जो कि गलत है।
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कोर्ट ने कहा कि कुछ चैनल और अखबार जल्दबाजी करते है जो सही नहीं है। वहीं, इन्द्रा के बीमार होने के पक्ष पर कोर्ट ने कहा कि अब बीमार है तो पांच साल तक सरेंडर क्यों नहीं किया गया। इन्द्रा के अधिवक्ताओं ने सीबीआई के रिमांड, क्षेत्राधिकार व अन्य बिंदुओं को लेकर अपनी ओर से पक्ष रखा। उसके बाद कोर्ट ने याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा है।
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