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जोन उपायुक्त एक लाख के जमानती वारंट से तलब, ये है पूरा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 31 Aug 2017 08:37 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर शहर में वैंडिंग और नॉन वैंडिंग जोन घोषित नहीं करने के मामले में बुलाने के बावजूद नहीं आने पर हवामहल जोन पश्चिम के उपायुक्त दिनेश पारीक को एक लाख रुपए के जमानती वारंट जारी कर 8 सितंबर को तलब किया है। अदालत ने निगम आयुक्त और सतर्कता आयुक्त के साथ जोन उपायुक्त को भी पेश होने के आदेश दिए थे।
इसके साथ ही अदालत ने अदालत में पेश निगम आयुक्त को कहा कि अफसरों की मिलीभगत से अतिक्रमण हो रहे हैं। निगम की ओर से ऐसे कितने अफसरों पर कार्रवाई की गई है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रक्षक सोसायटी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त और सतर्कता आयुक्त अदालत में पेश हुए। निगम प्रशासन की ओर से वैंडिंग जोन घोषित करने के लिए अदालत से छह माह का समय मांगा गया। जिसे देने से इनकार करते हुए अदालत ने 8 सितंबर को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने निगम आयुक्त को कहा कि यदि कार्रवाई करने में कोई प्रशासनिक या राजनीतिक दवाब आता है तो वे इसकी जानकारी अदालत में पेश करें, ताकि अदालत उन पर कार्रवाई कर सके।
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इसके साथ ही अदालत ने अदालत में पेश निगम आयुक्त को कहा कि अफसरों की मिलीभगत से अतिक्रमण हो रहे हैं। निगम की ओर से ऐसे कितने अफसरों पर कार्रवाई की गई है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रक्षक सोसायटी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त और सतर्कता आयुक्त अदालत में पेश हुए। निगम प्रशासन की ओर से वैंडिंग जोन घोषित करने के लिए अदालत से छह माह का समय मांगा गया। जिसे देने से इनकार करते हुए अदालत ने 8 सितंबर को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने निगम आयुक्त को कहा कि यदि कार्रवाई करने में कोई प्रशासनिक या राजनीतिक दवाब आता है तो वे इसकी जानकारी अदालत में पेश करें, ताकि अदालत उन पर कार्रवाई कर सके।
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हमारे साथ ही ऐसा तो आमजन के साथ क्या
अदालत ने निगम की ओर से कचरा उठाने की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि निगम ने उनके घर के पास ही डपिंग यार्ड बना दिया है। जहां से कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, फिर आमजन के साथ क्या होता होगा?
यह भी दिए निर्देश: निगम प्रशासन जोन तय कर वैडर्स से आवेदन मांगकर पात्र आवेदकों को स्थाई लाईसेंस जारी करे। साप्ताहिक हटवाडों में सफाई की जिम्मेदारी व्यवसायी के साथ निगम अफसरों की भी रहेगी। ऐसा नहीं होने पर दोषियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।गंदगी फैलाने और पॉलीथीन थैलियां काम में लेने वाले से ही कैरिंग चार्ज वसूलें। हटवाडों में आकस्मिक वीडियोग्राफी कराई जाए। सफाई के लिए जिम्मेदारी तय हो।
यह भी दिए निर्देश: निगम प्रशासन जोन तय कर वैडर्स से आवेदन मांगकर पात्र आवेदकों को स्थाई लाईसेंस जारी करे। साप्ताहिक हटवाडों में सफाई की जिम्मेदारी व्यवसायी के साथ निगम अफसरों की भी रहेगी। ऐसा नहीं होने पर दोषियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।गंदगी फैलाने और पॉलीथीन थैलियां काम में लेने वाले से ही कैरिंग चार्ज वसूलें। हटवाडों में आकस्मिक वीडियोग्राफी कराई जाए। सफाई के लिए जिम्मेदारी तय हो।