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वसुंधरा सरकार से बातचीत रही सफल, जाटों ने वापस लिया आरक्षण आंदोलन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:27 PM IST
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Jaat Agitation
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भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति का आंदोलन स्थगित हो गया है। विधायक विश्वेन्द्र सिंह के अनुसार सरकार के साथ वार्ता सफल हो गई है। सरकारी प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे सामाजिक न्याय व आधिकारिता विभाग के सचिव बी.एल. जाटावत ने भी वार्ता को सफल बताया है।
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जानकारी के अनुसार वार्ता के बाद जाटावत और विश्वेंद्र सिंह दोनों ने भरतपुर में पत्रकार वार्ता की। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दे दिया है कि वह ओबीसी कमीशन की बृहस्पतिवार को पेश की गई रिपोर्ट का जल्द अध्ययन करेगी और जाट आरक्षण को लेकर सकारात्मक रुख रखा जाएगा।
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सिंह के अनुसार सरकार के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार की अगली केबिनेट मीटिंग में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर निर्णय कोई ठोस लिया जाएगा। वार्ता के दौरान विधायक विश्वेन्द्र सिंह के अतिरिक्त संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार भी उपस्थित थे।
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ये रहे थे आंदोलन के कारण, जानिए
उग्र हुआ जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी प्रतिनिधयों के साथ वार्ता समाप्ति के बाद विश्वेंद्र सिंह ने पत्रकारों से कहा कि ये जाट समाज की जीत है, आंदोलनकारियों की जीत है। इस जीत का श्रेय सरकार के मंत्रियों को नहीं जाता, बल्कि मैं अफसरों को देता हूं।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह से दो जिलों का जाट समुदाय आरक्षण को लेकर सड़क पर था। इस कारण बीते दो दिनों से सड़क व रेलमार्ग पूर्ण रुप से प्रभावित था।
गौरतलब है कि भरतपुर-धौलपुर जिले के जाटों को सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2015 में ओबीसी आरक्षण सूची से हटा दिया था। जिसके बाद से यहां के जाट लगातार इस सूची में वापस जोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को ही आंदोलन से ठीक पहले ओबीसी कमीशन ने सबंधित जिलों के जाट समुदाय की सर्वे की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
आंदोलनकारियों का कहना था कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और लिखित में आश्वासन दिया जाए कि रिपोर्ट पर सरकार का रुख क्या रहेगा।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह से दो जिलों का जाट समुदाय आरक्षण को लेकर सड़क पर था। इस कारण बीते दो दिनों से सड़क व रेलमार्ग पूर्ण रुप से प्रभावित था।
गौरतलब है कि भरतपुर-धौलपुर जिले के जाटों को सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2015 में ओबीसी आरक्षण सूची से हटा दिया था। जिसके बाद से यहां के जाट लगातार इस सूची में वापस जोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को ही आंदोलन से ठीक पहले ओबीसी कमीशन ने सबंधित जिलों के जाट समुदाय की सर्वे की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
आंदोलनकारियों का कहना था कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और लिखित में आश्वासन दिया जाए कि रिपोर्ट पर सरकार का रुख क्या रहेगा।