{"_id":"594bd5844f1c1b211a8b4694","slug":"jagannath-prabhu-s-rath-yatra-will-come-out-like-jaggannath-puri","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरी की तर्ज पर निकलेगी जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा, जाएंगे ननिहाल!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरी की तर्ज पर निकलेगी जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा, जाएंगे ननिहाल!
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 22 Jun 2017 08:47 PM IST
विज्ञापन
जगन्नाथ प्रभु की शोभा यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरी की तर्ज पर अजमेर जिले के ब्यावर में विराजित प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलदेव व बहन सुभद्रा के साथ ननिहाल जाएंगे। आगामी 25 जून को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। यह रथयात्रा नगर भ्रमण करते हुए बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी। यहां आगामी 10 दिन तक पं.मुकुंद शरण दाधीच के सान्निध्य में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
रथयात्रा प्रमुख विजय तंवर ने बताया कि जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा 25 जून रविवार को दोपहर 3 बजे गोपालजी मोहल्ला से प्रारंभ होगी। फूल मालाओं से सुसज्जित रथ में विराजमान ठाकुरजी की आरती के पश्चात् चेरा-पोरी की रस्म निभाई जाएगी। उपखण्ड अधिकारी पीयूष सामरिया व तहसीलदार योगेश अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी—जनप्रतिनिधि चेरा-पोरी की रस्म निभाएंगे। हरिनाम संकीर्तन के साथ भक्त प्रभु के रथ को खींचते हुए आगे बढ़ेंगे। नंदी घोष रथ के आगे लगे चार प्रतीकात्मक घोड़े धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के प्रतीक होंगे।
रथयात्रा में सबसे आगे सुमधुर स्वर लहरियां बिखेरता बैंड चलेगा। इसके पीछे बाल मंडली गौ माता के भजन व इस्कॉन के भक्त हरिनाम संकीर्तन करेंगे। प्रभात फेरी, महिला मंडली के साथ शहर के कई गायक भजन गाकर और महामंत्र का जाप करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आषाढ़ माह में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलदेव व बहन सुभद्रा के साथ ननिहाल जाते हैं। ये तीनों देव अपनी यात्रा सजे—संवरे रथों में सवार होकर करते हैं। इसे पुरी में रथ यात्रा या रथ महोत्सव कहा जाता है। यह रथयात्रा मिलन, एकता व अखंडता की प्रतीक है। इस पौराणिक प्रसंग को बीते कुछ साल से ब्यावर में भी साकार किया जा रहा है।
विज्ञापन
रथयात्रा प्रमुख विजय तंवर ने बताया कि जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा 25 जून रविवार को दोपहर 3 बजे गोपालजी मोहल्ला से प्रारंभ होगी। फूल मालाओं से सुसज्जित रथ में विराजमान ठाकुरजी की आरती के पश्चात् चेरा-पोरी की रस्म निभाई जाएगी। उपखण्ड अधिकारी पीयूष सामरिया व तहसीलदार योगेश अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी—जनप्रतिनिधि चेरा-पोरी की रस्म निभाएंगे। हरिनाम संकीर्तन के साथ भक्त प्रभु के रथ को खींचते हुए आगे बढ़ेंगे। नंदी घोष रथ के आगे लगे चार प्रतीकात्मक घोड़े धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के प्रतीक होंगे।
विज्ञापन
रथयात्रा में सबसे आगे सुमधुर स्वर लहरियां बिखेरता बैंड चलेगा। इसके पीछे बाल मंडली गौ माता के भजन व इस्कॉन के भक्त हरिनाम संकीर्तन करेंगे। प्रभात फेरी, महिला मंडली के साथ शहर के कई गायक भजन गाकर और महामंत्र का जाप करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि आषाढ़ माह में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलदेव व बहन सुभद्रा के साथ ननिहाल जाते हैं। ये तीनों देव अपनी यात्रा सजे—संवरे रथों में सवार होकर करते हैं। इसे पुरी में रथ यात्रा या रथ महोत्सव कहा जाता है। यह रथयात्रा मिलन, एकता व अखंडता की प्रतीक है। इस पौराणिक प्रसंग को बीते कुछ साल से ब्यावर में भी साकार किया जा रहा है।