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बुजुर्ग को थाने बुलाना इस थानाधिकारी को भारी पड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 06:46 PM IST
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जयपुर के अशोक नगर थानाधिकारी को एक बुजुर्ग व्यक्ति को बयान के थाने बुलाना भारी पड़ गया है। मामले में अदालत ने थानाधिकारी के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया है।
महानगर मजिस्ट्रेट क्रम—11 ने इस सीताराम अग्रवाल के परिवाद पर यह आदेश दिया है। परिवाद में कोर्ट को बताया गया कि एक आपराधिक मामला परिवादी ने अदालत में दर्ज कराया था। इस पर अदालत ने इसकी जांच अशोक नगर थाना पुलिस को सौंपी। मामले में थाना पुलिस ने बुजुर्ग को बयानों के लिए थाने में बुलाया और यहां अनावश्यक रूप से बिठाए रखा। इस पर परिवाद ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि सीआरपीसी की धारा 160 के तहत यदि कोई व्यक्ति 15 साल से छोटा, महिला या 65 साल से अधिक आयु का व्यक्ति है तो उसके बयान निवास स्थान पर ही लेने का प्रावधान है।
इसके बावजूद थानाधिकारी ने 68 साल के परिवादी को थाने में बुलाया। साथ ही उसे अनावश्यक रूप से थाने में बिठाए भी रखा। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित थानाधिकारी के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया है।
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महानगर मजिस्ट्रेट क्रम—11 ने इस सीताराम अग्रवाल के परिवाद पर यह आदेश दिया है। परिवाद में कोर्ट को बताया गया कि एक आपराधिक मामला परिवादी ने अदालत में दर्ज कराया था। इस पर अदालत ने इसकी जांच अशोक नगर थाना पुलिस को सौंपी। मामले में थाना पुलिस ने बुजुर्ग को बयानों के लिए थाने में बुलाया और यहां अनावश्यक रूप से बिठाए रखा। इस पर परिवाद ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि सीआरपीसी की धारा 160 के तहत यदि कोई व्यक्ति 15 साल से छोटा, महिला या 65 साल से अधिक आयु का व्यक्ति है तो उसके बयान निवास स्थान पर ही लेने का प्रावधान है।
इसके बावजूद थानाधिकारी ने 68 साल के परिवादी को थाने में बुलाया। साथ ही उसे अनावश्यक रूप से थाने में बिठाए भी रखा। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित थानाधिकारी के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया है।
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