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पाकिस्तान के बहावलपुर से किया जा रहा है जासूसों को कंट्रोल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:43 AM IST
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गिरफ्त में जासूस।
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पाक सीमा से लगते राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जिले में पाक जासूसों की सक्रियता बढ़ गई है। बीते एक वर्ष इन जिलों से एक दर्जन से अधिक पाक जासूस पकड़े जा चुके हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है कि पकडे़ गए जासूसों में आम नागरिक के साथ सरकारी कर्मचारी भी सम्मलित है। हाल ही में पकड़े गए जासूसों व पूर्व में पकड़े गए जासूसों से मिली जानकारी के बाद यह स्प्ष्ट हो गया है कि बॉर्डर इस एरिया में आईएसआई नेटवर्क तैयार करने में लगा है।
भारत में जासूसों को पाकिस्तान के बहावलपुर से नियंत्रित किया जाने की जानकारी मिली है। यहां फॉरवर्ड इंटेलिजेंस यूनिट बनाई गई है, जो भारत में जासूसी नेटवर्क करने का काम करती है। यह यूनिट पाकिस्तान में उन लोगों से सम्पर्क करती है, जिनके रिश्तेदार बॉर्डर एरिया में रहते हैं।
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फिर उन्हें पैसों का लालच देकर उनकी ट्रेनिंग कराई जाती है। हाल ही में पकड़े गए जासूसों ने यह कबूल किया है कि बॉर्डर से लगते जिलों में बड़ी संख्या में जासूस सक्रिय है जो कि सामरिक महत्व से जुड़ी जानकारियां आईएसआई को पहुंचाते है।
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भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है कि पकडे़ गए जासूसों में आम नागरिक के साथ सरकारी कर्मचारी भी सम्मलित है। हाल ही में पकड़े गए जासूसों व पूर्व में पकड़े गए जासूसों से मिली जानकारी के बाद यह स्प्ष्ट हो गया है कि बॉर्डर इस एरिया में आईएसआई नेटवर्क तैयार करने में लगा है।
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भारत में जासूसों को पाकिस्तान के बहावलपुर से नियंत्रित किया जाने की जानकारी मिली है। यहां फॉरवर्ड इंटेलिजेंस यूनिट बनाई गई है, जो भारत में जासूसी नेटवर्क करने का काम करती है। यह यूनिट पाकिस्तान में उन लोगों से सम्पर्क करती है, जिनके रिश्तेदार बॉर्डर एरिया में रहते हैं।
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फिर उन्हें पैसों का लालच देकर उनकी ट्रेनिंग कराई जाती है। हाल ही में पकड़े गए जासूसों ने यह कबूल किया है कि बॉर्डर से लगते जिलों में बड़ी संख्या में जासूस सक्रिय है जो कि सामरिक महत्व से जुड़ी जानकारियां आईएसआई को पहुंचाते है।
यूं करते हैं फंडिंग, ये है ट्रांजेक्शन का तरीका
फाइल फोटो।
जानकारियों के बदले आईएसआई इन जासूसों को दस हजार से लेकर दो लाख रुपए तक देती है। जासूसों को भुगतान भी भारत में रहने वाले आईएसआई के खूफिया एजेंट करते है। जिससे कि भारतीय ट्रांजेक्शन पर किसी को शक नहीं हों।
गौरतलब है कि जैसलमेर, बाड़मेर ओर बीकानेर भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। यहां स्थित पोकरण व महाजन फील्ड रेंज में सेना आए दिन विभिन्न परीक्षण व तैयारियां करती है। लेकिन इन क्षेत्रों में जासूसों की फौज भी खड़ी हो रही है जिसने सुरक्षा एजेंसिंयों की चिंता बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि जैसलमेर, बाड़मेर ओर बीकानेर भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। यहां स्थित पोकरण व महाजन फील्ड रेंज में सेना आए दिन विभिन्न परीक्षण व तैयारियां करती है। लेकिन इन क्षेत्रों में जासूसों की फौज भी खड़ी हो रही है जिसने सुरक्षा एजेंसिंयों की चिंता बढ़ा दी है।