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सूची नहीं है तो पूर्व रियासतों के विवाद कैसे निपट रहे हैं-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 21 Aug 2017 08:25 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व रियासतों की संपत्तियों की सूची उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यदि इन संपत्तियों की अधिकृत सूची ही उपलब्ध नहीं है तो इसके विवादित प्रकरणों को कैसे निपटाया जा रहा है। इसके साथ ही अदालत ने 23 अक्टूबर तक सूची पेश करने का समय दिया है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश लोक संपत्ति संरक्षण समिति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि पूर्व रियासतों के भारत संघ में विलय के दौरान इन रियासतों की सरकारी और निजी संपत्तियों की सूची बनी थी। याचिका में इन सूचियों को कोर्ट में तलब करने की गुहार की है। सुनवाई के दौरान केन्द्र और राज्य सरकार इस सूची को पेश नहीं कर पाई हैं। दोनों की ओर से अदालत को कहा गया कि ऐसी संपत्तियों की अधिकृत सूची नहीं मिल रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने 23 अक्टूबर तक का समय देते हुए सूची पेश करने को कहा है।
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मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश लोक संपत्ति संरक्षण समिति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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याचिका में कहा गया कि पूर्व रियासतों के भारत संघ में विलय के दौरान इन रियासतों की सरकारी और निजी संपत्तियों की सूची बनी थी। याचिका में इन सूचियों को कोर्ट में तलब करने की गुहार की है। सुनवाई के दौरान केन्द्र और राज्य सरकार इस सूची को पेश नहीं कर पाई हैं। दोनों की ओर से अदालत को कहा गया कि ऐसी संपत्तियों की अधिकृत सूची नहीं मिल रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने 23 अक्टूबर तक का समय देते हुए सूची पेश करने को कहा है।
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