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ग्रीन हाउस 'इफेक्ट', दुगुनी इनकम, बदली किसान की जिंदगी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 May 2017 02:00 PM IST
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ग्रीन हाउस में खेती
- फोटो : अमर उजाला
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तकनीक ने राजस्थान के किसानों का जीवन बदल कर रख दिया है। एक छोटी सी तकनीक और मुनाफा हो गया दस गुना। किसी फिल्म की स्टोरी नहीं बल्कि ये सच है। दरअसल झालावाड़ के एक किसान ओम प्रकाश ने इजराइल में हो रहे नवाचार को देखा और समझा। फिर उसी नवाचार को राजस्थान में आकर अपनाया तो देखते ही देखते ओम प्रकाश की जिंदगी बदल गई।
ओम प्रकाश कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के साथ पिछले साल मई में इजराइल गए थे। वे धनवाड़ा के रहनेवाले हैं। ओम प्रकाश कहते हैं कि इस दौरे में उन्हें दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक जानने का मौका मिला। हमने वहां देखा कि बहुत कम पानी और जमीन में भी तकनीक का प्रयोग करके वहां के किसान रुपए लाखों कमा रहे हैं। हम वहां की ड्रिप और संरक्षित खेती से बड़े प्रभावित हुए। ओम प्रकाश बताते हैं कि वहां से लौटते ही ग्रीन हाऊस के लिए आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत अपने यहां 4 हजार वर्गमीटर का 70 फीसदी अनुदान पर ग्रीन हाऊस लगाया।
इस ग्रीन हाऊस में पहले साल इन्होंने इसमें खीरे के फसल ली। वे कहते हैं कि जब हम खुले खेत में खीरे की फसल लेते थे, तो लगभग 50 हजार रुपए का ही मुनाफा होता था, लेकिन आज उतनी ही जमीन में मुनाफा 10 गुना बढ़कर 5 लाख रुपए हो गया है।
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वे बताते हैं कि ग्रीन हाऊस के साथ अपने 10 बीघा खेत में मल्चिंग के साथ सब्जियां उगानी भी शुरू कर दी हैं। इस तकनीक से खेती करने पर इनका उत्पादन दोगुना हो गया है। ओमप्रकाश अपने खेत पर बैंगन, मिर्ची, भिंडी की खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से इनकी खेती करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया और आज ये लाखों रुपये इसके माध्यम से कमा रहे हैं।
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ओम प्रकाश कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के साथ पिछले साल मई में इजराइल गए थे। वे धनवाड़ा के रहनेवाले हैं। ओम प्रकाश कहते हैं कि इस दौरे में उन्हें दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक जानने का मौका मिला। हमने वहां देखा कि बहुत कम पानी और जमीन में भी तकनीक का प्रयोग करके वहां के किसान रुपए लाखों कमा रहे हैं। हम वहां की ड्रिप और संरक्षित खेती से बड़े प्रभावित हुए। ओम प्रकाश बताते हैं कि वहां से लौटते ही ग्रीन हाऊस के लिए आवेदन किया। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत अपने यहां 4 हजार वर्गमीटर का 70 फीसदी अनुदान पर ग्रीन हाऊस लगाया।
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इस ग्रीन हाऊस में पहले साल इन्होंने इसमें खीरे के फसल ली। वे कहते हैं कि जब हम खुले खेत में खीरे की फसल लेते थे, तो लगभग 50 हजार रुपए का ही मुनाफा होता था, लेकिन आज उतनी ही जमीन में मुनाफा 10 गुना बढ़कर 5 लाख रुपए हो गया है।
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वे बताते हैं कि ग्रीन हाऊस के साथ अपने 10 बीघा खेत में मल्चिंग के साथ सब्जियां उगानी भी शुरू कर दी हैं। इस तकनीक से खेती करने पर इनका उत्पादन दोगुना हो गया है। ओमप्रकाश अपने खेत पर बैंगन, मिर्ची, भिंडी की खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से इनकी खेती करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया और आज ये लाखों रुपये इसके माध्यम से कमा रहे हैं।