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गोचर भूमि पर अतिक्रमण कैसे हुआ इसका जवाब क्यों नहीं दिया, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 02 Nov 2017 07:25 PM IST
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प्रदेश के बड़े शहरों के मास्टर प्लान से जुड़ी एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। गोचर व अतिक्रमण के आंकड़े पेश नहीं करने पर जस्टिस संगीत लोढ़ा व जस्टिस अरूण भंसाली की खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई है।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने पक्ष रखा, वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता पूनमचंद भंडारी ने जयपुर के खो-नागोरियान को लेकर कहा कि सरकार केवल अधिकारियों का बचाव कर रही है।
सुनवाई के दौरान जयपुर, जोधपुर, अजमेर सहित बड़े निगमो एवं जेडीए के अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों में यह भावना घर कर गई है कि दुकानों में सीढ़ियां ना होकर बाहर अतिक्रमण करके ही बनाएंगे जिसको बदलाना आवश्यक है।
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सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने पक्ष रखा, वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता पूनमचंद भंडारी ने जयपुर के खो-नागोरियान को लेकर कहा कि सरकार केवल अधिकारियों का बचाव कर रही है।
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सुनवाई के दौरान जयपुर, जोधपुर, अजमेर सहित बड़े निगमो एवं जेडीए के अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों में यह भावना घर कर गई है कि दुकानों में सीढ़ियां ना होकर बाहर अतिक्रमण करके ही बनाएंगे जिसको बदलाना आवश्यक है।
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अन्यथा करनी पड़ेगी कार्रवाई
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- फोटो : Internet
हाईकोर्ट में आज सरकार को गोचर के आंकड़े पेश करने थे, लेकिन नहीं कर पाए क्योंकि सात आठ कलक्टर ने आंकड़े नहीं दिए। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा या तो आदेश की पालना करें अन्यथा दो चार के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। क्योंकि आदेश की पालना नहीं कर अवमानना कर रहे हैं ऐसा नही चलेगा।
वहीं आज सुनवाई के दौरान मंगलम बिल्डर्स की ओर से पक्षकार बनने की अर्जी पेश की गई है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि सात नवंबर को अगली सुनवाई पर अतिक्रमण व गोचर को लेकर आंकड़े पेश करें अन्यथा सख्त आदेश पारित किया जाएगा।
वहीं आज सुनवाई के दौरान मंगलम बिल्डर्स की ओर से पक्षकार बनने की अर्जी पेश की गई है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि सात नवंबर को अगली सुनवाई पर अतिक्रमण व गोचर को लेकर आंकड़े पेश करें अन्यथा सख्त आदेश पारित किया जाएगा।