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हाईकोर्ट ने कहा देवस्थान विभाग अतिक्रमियों पर दर्ज कराए मुकदमे

Mon, 22 May 2017 07:34 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 22 May 2017 07:34 PM IST
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High court restrains the fare policy of the Devasthan department
राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने देवस्थान विभाग की सम्पत्तियों पर अतिक्रमण पर नाराजगी जाहिर करते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ फौजदारी प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश देवस्थान विभाग को दिए हैं। 
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प्रदेश के मंदिरों व जलाशयों की दुर्दशा को लेकर स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस गोविन्द माथुर की खंडपीठ ने ये आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि किरायेदारों के कब्जों का नियमन नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा कि देवस्थान विभाग की जमीनों पर अतिक्रमण करने वालो के खिलाफ सख्त कारवाई की जाए। यहां तक कि विभाग चाहे तो उनके खिलाफ फौजदारी प्रकरण भी दर्ज करा सकता है। 
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सुनवाई के दौरान न्यायमित्र एमआर सिंघवी ने वर्तमान हालात से अवगत करवाया, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट के पिछले आदेश की पालना में सोमवार को देवस्थान विभाग के प्रमुख शासन सचिव केके पाठक कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की किराया नीति 06-06-2000 के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए उसे लागू नही करने के निर्देश दिए।
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सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि नई किराया नीति जनहित, वैधानिक व न्यायहित में नहीं है। इस पर सरकार ने भी माना कि इसमें कुछ विसंगतियां हैं जिनमें सुधार और नई पॉलिसी बनाने के लिए एक निश्चित प्रक्रिया में अभी समय लग सकता है। इसके लिए कोर्ट में सरकार की ओर से समय मांगा गया। इस पर हाईकोर्ट ने नई पॉलिसी नही बनती तब तक किराया नीति 06-06-2000 के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। 
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