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हाईकोर्ट में हाजिर हुए पुलिस कमिश्नर को मिली ये हिदायत...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 05 Jul 2017 08:27 PM IST
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- फोटो : google
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राजस्थान हाईकोर्ट ने ठगी के मामलों में रुपए की रिकवरी नहीं करने के मामले में पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल को लताड़ते हुए कहा कि नब्बे फीसदी मामलों में पुलिस रिकवरी नहीं कर पाती है। ऐसे में केवल आरोपी की गिरफ्तारी से ही अपराध नहीं घटेगा, पुलिस को रिकवरी पर भी ध्यान देना होगा। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण की सुनवाई 4 अगस्त तक टाल दी।
न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अंबर अग्रवाल की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में पुलिस कमिश्नर अदालत में पेश हुए। अदालत ने कमिश्नर को कहा कि पुलिस ठगी के मामलों में आरोपी को गिरफ्तार तो कर लेती है, लेकिन आरोपी से रुपए की रिकवरी नहीं हो पाती। जिसके चलते आरोपी कुछ समय बाद जेल से बाहर आकर उन रुपयों से ऐश करता है। ऐसे में रिकवरी के लिए पुलिस को आरोपी की संपत्ति और बैंक खातों को सीज करना चाहिए। इस पर कमिश्नर ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस संबंध में क्राइम मिटिंग में सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रकरण में वांछित मुख्य आरोपी की भी जल्दी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई को 4 अगस्त तक टाल दिया।
मामले के अनुसार हीरसिंह ने इन्वेस्ट के नाम पर एक करोड़ नौ लाख रुपए की ठगी करने को लेकर गत 3 नवंबर को बनीपार्क थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपी आरके खंडेलवाल को गिरफ्तार नहीं किया है। सह आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान रुपए की रिकवरी नहीं होने की जानकारी मिलने पर अदालत ने पुलिस कमिश्नर को पेश होने के आदेश दिए थे।
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न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अंबर अग्रवाल की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में पुलिस कमिश्नर अदालत में पेश हुए। अदालत ने कमिश्नर को कहा कि पुलिस ठगी के मामलों में आरोपी को गिरफ्तार तो कर लेती है, लेकिन आरोपी से रुपए की रिकवरी नहीं हो पाती। जिसके चलते आरोपी कुछ समय बाद जेल से बाहर आकर उन रुपयों से ऐश करता है। ऐसे में रिकवरी के लिए पुलिस को आरोपी की संपत्ति और बैंक खातों को सीज करना चाहिए। इस पर कमिश्नर ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस संबंध में क्राइम मिटिंग में सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रकरण में वांछित मुख्य आरोपी की भी जल्दी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई को 4 अगस्त तक टाल दिया।
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मामले के अनुसार हीरसिंह ने इन्वेस्ट के नाम पर एक करोड़ नौ लाख रुपए की ठगी करने को लेकर गत 3 नवंबर को बनीपार्क थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपी आरके खंडेलवाल को गिरफ्तार नहीं किया है। सह आरोपी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान रुपए की रिकवरी नहीं होने की जानकारी मिलने पर अदालत ने पुलिस कमिश्नर को पेश होने के आदेश दिए थे।
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