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हाईकोर्ट ने जुगाड़ को मोटर वाहन की श्रेणी में माना, मृतक को मुआवजा देने के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 24 Nov 2017 07:59 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने सवारी ढोने वाले जुगाड़ को मोटर वाहन की श्रेणी में माना है। अदालत ने जुगाड़ चालक और उसके मालिक को आदेश दिए हैं कि वह जुगाड़ पलटने से मरने वाले के परिजनों को मुआवजे के तौर पर 4 लाख 94 हजार रुपए 6 फीसदी ब्याज सहित अदा करें।
न्यायाधीश बनवारी लाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश संतरा देवी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दुर्घटना के वक्त जुगाड़ सवारी ले जाने के काम कर रहा था। इससे साफ जाहिर है कि जुगाड़ के इंजन की क्षमता 25 क्यूबिक सेंटीमीटर से अधिक है और उसमें गियरबॉक्स भी लगा हुआ है। ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2(28) के प्रावधानों के तहत वह मोटर वाहन की श्रेणी में माना जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत की ओर से क्लेम दावा खारिज करने के आदेश को भी रद्द कर दिया है।
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न्यायाधीश बनवारी लाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश संतरा देवी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दुर्घटना के वक्त जुगाड़ सवारी ले जाने के काम कर रहा था। इससे साफ जाहिर है कि जुगाड़ के इंजन की क्षमता 25 क्यूबिक सेंटीमीटर से अधिक है और उसमें गियरबॉक्स भी लगा हुआ है। ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2(28) के प्रावधानों के तहत वह मोटर वाहन की श्रेणी में माना जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत की ओर से क्लेम दावा खारिज करने के आदेश को भी रद्द कर दिया है।
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ये है पूरा मामला, जानिए
याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड़ ने अदालत को बताया कि सीकर जिले का निवासी गिरधारी लाल 29 जनवरी 2005 को जुगाड़ में बैठकर बढाडर से अपने ग्राम सांवलोदा पुरोहितान जा रहा था। रास्त में जुगाड़ चालक सुभाष ने जुगाड़ को लापरवाही से चलाया। जिससे वह पलट गया और गिरधारी की मौके पर ही मौत हो गई। सीकर की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अदालत ने 13 सितंबर 2007 को दुर्घटना दावे को खारिज कर दिया था।
याचिका में कहा गया कि जुगाड़ मोटर वाहन की श्रेणी में आता है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को मुआवजा दिलाया जाए। वहीं जुगाड़ मालिक कुम्भाराम और चालक की ओर से कहा गया कि जुगाड़ मोटर वाहन या कृषि यंत्र की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम के तहत क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किया जा सकता। इसलिए याचिका को खारिज किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना की जुगाड़ मोटर वाहन की श्रेणी में आता है और याचिकाकर्ताओं को जुगाड़ चालक और उसके मालिक से क्षतिपूर्ति हासिल करने का अधिकार है।
याचिका में कहा गया कि जुगाड़ मोटर वाहन की श्रेणी में आता है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को मुआवजा दिलाया जाए। वहीं जुगाड़ मालिक कुम्भाराम और चालक की ओर से कहा गया कि जुगाड़ मोटर वाहन या कृषि यंत्र की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम के तहत क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किया जा सकता। इसलिए याचिका को खारिज किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना की जुगाड़ मोटर वाहन की श्रेणी में आता है और याचिकाकर्ताओं को जुगाड़ चालक और उसके मालिक से क्षतिपूर्ति हासिल करने का अधिकार है।