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अदालती आदेश के बावजूद भी अवैध बसों का संचालन क्यों-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 02 Nov 2017 08:18 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद भी अवैध बसों पर कार्रवाई नहीं करने पर परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र अग्रवाल, सीकर आरटीओ भजनलाल, सीकर डीटीओ मंगनाराम और सीकर एसपी विनीत कुमार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश किशनसिंह की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने गत 12 अक्टूबर को आदेश जारी कर संचालित हो रही अवैध बसों पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी सीकर-नीमकाथाना रूट पर सैंकड़ों अवैध बसे चल रही हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से अवैध बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ विभाग में शिकायत भी पेश की जा चुकी है, लेकिन विभाग के अफसरों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। याचिका में गुहार की गई है कि अदालती आदेश की पालना नहीं करने पर परिवहन आयुक्त सहित अन्य अवमाननाकर्ताओं को दंडित किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश किशनसिंह की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने गत 12 अक्टूबर को आदेश जारी कर संचालित हो रही अवैध बसों पर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी सीकर-नीमकाथाना रूट पर सैंकड़ों अवैध बसे चल रही हैं।
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याचिकाकर्ता की ओर से अवैध बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ विभाग में शिकायत भी पेश की जा चुकी है, लेकिन विभाग के अफसरों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। याचिका में गुहार की गई है कि अदालती आदेश की पालना नहीं करने पर परिवहन आयुक्त सहित अन्य अवमाननाकर्ताओं को दंडित किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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