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राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोष से मिलेगी मदद
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 May 2017 08:11 PM IST
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उपभोक्ता
- फोटो : demo
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उपभोक्ता मामलात विभाग ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोष सीमित सहायता योजना लागू करने एवं अन्य सुविधाएं देना तय किया है।
उपभोक्ता मामले विभाग के उप निदेशक संजय झाला ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहायता के लिए पात्रता निर्धारित की गई है। पात्र उपभोक्ताओं को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी अपने स्तर पर प्रत्येक प्रकरण में 10 हजार रुपए तक की राशि स्वीकृत कर सकेगी। उन्होंने बताया कि योजना के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिला रसद अधिकारी कार्यालय या संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पर वित्तीय सहायता के लिए जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं निर्णय लिया जाएगा।
उप निदेशक ने बताया कि उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सहायता राशि का उपयोग आवेदन-पत्र में उल्लेखित कार्य योजना के लिए ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक सहायता प्राप्त करने के बाद एक वर्ष की अवधि में पुनः आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही जिस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जाएगी, वह कार्यक्रम समापन के बाद 15 दिवस की अवधि में क्रियान्विति का विस्तृत सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।
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उपभोक्ता मामले विभाग के उप निदेशक संजय झाला ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहायता के लिए पात्रता निर्धारित की गई है। पात्र उपभोक्ताओं को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी अपने स्तर पर प्रत्येक प्रकरण में 10 हजार रुपए तक की राशि स्वीकृत कर सकेगी। उन्होंने बताया कि योजना के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिला रसद अधिकारी कार्यालय या संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पर वित्तीय सहायता के लिए जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं निर्णय लिया जाएगा।
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उप निदेशक ने बताया कि उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सहायता राशि का उपयोग आवेदन-पत्र में उल्लेखित कार्य योजना के लिए ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक सहायता प्राप्त करने के बाद एक वर्ष की अवधि में पुनः आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही जिस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जाएगी, वह कार्यक्रम समापन के बाद 15 दिवस की अवधि में क्रियान्विति का विस्तृत सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।
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