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करबला की याद में ख्वाजा नगरी में खेला गया हाईदौस, दो दर्जन जख्मी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 01 Oct 2017 08:10 PM IST
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ख्वाजा की दरगाह में हाईदौस का एक नजारा
- फोटो : Amar Ujala
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मोहर्रम के महीने में चांद रात से ही धार्मिक रसुमात शुरू हो गई थी जो अब तक जारी है। इस अवसर पर अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के पास हाईदौस खेला गया। इस रस्म में मुस्लिम समाज के पुरुषों तलवारों से खेलकर लहूलुहान हो जाते हैं। आज भी दो दर्जन से अधिक लोग इसमें लहूलुहान हो गए।
जानकारी के अनुसार, अजमेर ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर हाईदौस की रस्म भी अदा की जाती है। मुस्लिम समाज के पुरुष हाथों में नंगी तलवारें लिए भूखे-प्यासे रहकर तलवारों से खेलते हैं जिसमें कई लोग घायल भी हो जाते हैं। इसके लिए 100 तलवारें भी जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है।
हाईदौस के दौरान पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी भी मौजूद रहते हैं साथ ही चिकित्सकों की टीम भी तैनात रहती है। रस्म के दौरान हुए घायलों को तुरंत उपचार दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, अजमेर ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर हाईदौस की रस्म भी अदा की जाती है। मुस्लिम समाज के पुरुष हाथों में नंगी तलवारें लिए भूखे-प्यासे रहकर तलवारों से खेलते हैं जिसमें कई लोग घायल भी हो जाते हैं। इसके लिए 100 तलवारें भी जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है।
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हाईदौस के दौरान पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी भी मौजूद रहते हैं साथ ही चिकित्सकों की टीम भी तैनात रहती है। रस्म के दौरान हुए घायलों को तुरंत उपचार दिया गया।
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