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गुर्जर आरक्षण मामला: सरकार से वार्ता में लगभग बनी सहमति, अब सीएम स्तर पर मंत्रणा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 07:41 PM IST
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किरोड़ी सिंह बैंसला
- फोटो : demo pic
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गुर्जर आरक्षण मामले पर आज गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर सरकार से मिला। यहां शाम को हुई वार्ता में सकारात्मक हल निकलने की बात सामने आई है।
दरअसल, आज गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के मंत्रियों से मिला। यहां वार्ता के दौरान सामने आया कि गुर्जरों को ओबीसी कोटा बढ़ाकर आरक्षण दिया जाए। इसके लिए ओबीसी कोटे को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने की बात रखी गई। जिस पर गुर्जर नेताओं ने सहमति जताई। हालांकि, गुर्जरों की मांग थी कि उन्हें आरक्षण के पचास प्रतिशत कोटे में ही रखा जाए, लेकिन ऐसा संभव नहीं बताया गया। इसका हल यही निकाला गया कि ओबीसी कोटे को बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया जाए। इसमें पांच प्रतिशत आरक्षण गुर्जरों सहित पांच अन्य जातियों के लिए रहेगा।
उधर, वार्ता के बाद सभी गुर्जर नेता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंत्री हेमसिंह भड़ाना के निवास पर पहुंचे। अब आगे की रणनीति मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्तर पर तय की जाएगी। उसके बाद ही गुर्जर आरक्षण पर स्थिति साफ हो सकेगी। उधर, कल होने वाली गुर्जरों की महापंचायत पर अभी कोई गुर्जर नेता का बयान सामने नहीं आया है।
गुर्जर प्रतिनिधिमंडल में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, हिम्मत सिंह गुर्जर, शैलेन्द्र सिंह सहित करीब 15 सदस्य शामिल रहे।
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दरअसल, आज गुर्जरों का प्रतिनिधिमंडल कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के मंत्रियों से मिला। यहां वार्ता के दौरान सामने आया कि गुर्जरों को ओबीसी कोटा बढ़ाकर आरक्षण दिया जाए। इसके लिए ओबीसी कोटे को 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने की बात रखी गई। जिस पर गुर्जर नेताओं ने सहमति जताई। हालांकि, गुर्जरों की मांग थी कि उन्हें आरक्षण के पचास प्रतिशत कोटे में ही रखा जाए, लेकिन ऐसा संभव नहीं बताया गया। इसका हल यही निकाला गया कि ओबीसी कोटे को बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया जाए। इसमें पांच प्रतिशत आरक्षण गुर्जरों सहित पांच अन्य जातियों के लिए रहेगा।
उधर, वार्ता के बाद सभी गुर्जर नेता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंत्री हेमसिंह भड़ाना के निवास पर पहुंचे। अब आगे की रणनीति मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्तर पर तय की जाएगी। उसके बाद ही गुर्जर आरक्षण पर स्थिति साफ हो सकेगी। उधर, कल होने वाली गुर्जरों की महापंचायत पर अभी कोई गुर्जर नेता का बयान सामने नहीं आया है।
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गुर्जर प्रतिनिधिमंडल में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, हिम्मत सिंह गुर्जर, शैलेन्द्र सिंह सहित करीब 15 सदस्य शामिल रहे।