{"_id":"59157faa4f1c1b7a04852462","slug":"gram-panchayat-assistant-recruitment-2017","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सहायक भर्ती से हटाई रोक, अब मिलेगी नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सहायक भर्ती से हटाई रोक, अब मिलेगी नौकरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 May 2017 07:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सहायक भर्ती-2017 के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश बोधूराम व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। अब जल्द ही हजारों भर्तियों का रास्ता खुलेगा।
अदालत ने गत 15 फरवरी को भर्ती प्रक्रिया जारी रखते हुए परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। याचिकाएं खारिज होने के चलते अब भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। याचिकाओं में कहा गया कि राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत सहायक पद पंचायती राज अधिनियम, 1996 के तहत शामिल किए हैं, लेकिन इसकी भर्ती में इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। साक्षात्कार के आधार पर होने वाली इस भर्ती में साक्षात्कार का आधार नहीं बताया गया है। इसके अलावा भर्ती में ना तो आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है और ना ही ऊपरी आयु सीमा तय की गई। याचिका में कहा गया कि अभ्यर्थियों से अनुभव प्रमाण पत्र मांगे गए हैं, लेकिन अनुभव का क्षेत्र और जारी करने वाले अधिकारी भी नहीं बताया गया है। सरकार इन पदों पर परोक्ष रूप से विद्यार्थी मित्रों को लगाना चाहती है।
याचिका के जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि हर ग्राम पंचायत के लिए दो से चार ग्राम सहायकों की भर्ती की जानी है। जिसका साक्षात्कार विद्यालय संस्थापन समिति की ओर से लिया जाएगा। सरकार ने कहा कि अभ्यर्थियों को संविदा और मानदेय के आधार पर ग्राम सहायक के तौर पर लगाया जाना है। इसलिए भर्ती पर 1996 के नियम पूर्णतया लागू नहीं होते हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने गत 15 फरवरी को भर्ती प्रक्रिया जारी रखते हुए परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी। याचिकाएं खारिज होने के चलते अब भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। याचिकाओं में कहा गया कि राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत सहायक पद पंचायती राज अधिनियम, 1996 के तहत शामिल किए हैं, लेकिन इसकी भर्ती में इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। साक्षात्कार के आधार पर होने वाली इस भर्ती में साक्षात्कार का आधार नहीं बताया गया है। इसके अलावा भर्ती में ना तो आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है और ना ही ऊपरी आयु सीमा तय की गई। याचिका में कहा गया कि अभ्यर्थियों से अनुभव प्रमाण पत्र मांगे गए हैं, लेकिन अनुभव का क्षेत्र और जारी करने वाले अधिकारी भी नहीं बताया गया है। सरकार इन पदों पर परोक्ष रूप से विद्यार्थी मित्रों को लगाना चाहती है।
विज्ञापन
याचिका के जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि हर ग्राम पंचायत के लिए दो से चार ग्राम सहायकों की भर्ती की जानी है। जिसका साक्षात्कार विद्यालय संस्थापन समिति की ओर से लिया जाएगा। सरकार ने कहा कि अभ्यर्थियों को संविदा और मानदेय के आधार पर ग्राम सहायक के तौर पर लगाया जाना है। इसलिए भर्ती पर 1996 के नियम पूर्णतया लागू नहीं होते हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन