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हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान करवाएगी सरकार

Thu, 22 Jun 2017 07:16 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 22 Jun 2017 07:16 PM IST
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Government to identify handmade scavengers
अरुण चतुर्वेदी - फोटो : demo pic
राजस्थान सरकार हाथ से मैला ढोने वालों की पहचान करेगी और उनका पुनर्वास करवाएगी। यह कहना है सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी का। चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य में हाथ से मैला ढोने की कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए उनकी पहचान कर उनका पुनर्वास कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।
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चतुर्वेदी बृहस्पतिवार को अम्बेडकर भवन के सभागार में हाथ से मैला ढोने वाले कार्मिकों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास के लिए गठित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि स्वायत शासन विभाग की ओर से 1220 स्वच्छकारों की सूची प्राप्त हुई है, जिनकी अनुजा निगम द्वारा सत्यापन करने पर 577 स्वच्छकार योग्य पाए गए। इनमें से 322 में प्रत्येक को एकमुश्त 40 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी गई। उन्होंने नगर पालिकाओं, नगर निगमों, रेलवे स्टेशनों, छावनियों में नियमानुसार सामुदायिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए।
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चतुर्वेदी ने अनुजा निगम को स्वच्छकारों को छोटे-छोटे धन्धे शुरू करने के लिए ऋण दिलाने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग को स्वच्छकारों के स्वस्थ जीवन के समस्त आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि हाथ से मैला ढोने वाले कार्मिकों के नियोजन एवं पुनर्वास के लिए राज्य स्तरीय, जिला एवं उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन किया जा चुका है।
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