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दादा-दादी के साथ रहने वाले बच्चों में होते हैं तीन पीढ़ियों के गुण: मृदला सिन्हा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 May 2017 08:19 PM IST
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राजसमंद में उद्बोधन के दौरान गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा
- फोटो : amar ujala
जो बच्चे दादा-दादी के साथ रहते हैं उनमें तीन पीढ़ियों का सामन्जस्य और सहज-स्वाभाविक जीवन व्यवहार की दीक्षा मिलती रहती है, ऐसे बच्चों का विकास अधिक होता है। ये कहना है राजसमंद दौरे पर आई गोवा की राज्यपाल मृदला सिन्हा का।
सिन्हा सोमवार को राजसमन्द के भिक्षु निलयम में आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय बालिका उत्थान शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बच्चों को संबोधित कर रही थी। आठ दिवसीय यह शिविर राजसमन्द नगर परिषद, भारत विकास परिषद तथा महिला संरक्षण समिति, कोटा की ओर से आयोजित किया गया। इसमें राजसमन्द एवं आस-पास के क्षेत्रों की 1200 से अधिक बालिकाओं व महिलाओं ने हस्तकलाओं और आधुनिक विधाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण पाकर दक्षता हासिल की।
लड़कियों को पोती कहकर जीता दिल
राज्यपाल ने बालिकाआें को पोतियां कहकर संबोधित किया और सीधे संवाद कायम करते हुए उनके घर-परिवार और संस्कारों आदि के बारे में बातचीत की, इससे बालिकाएं गद्गद् हो उठी। सिन्हा के उद्बोधन के दौरान कई बार लड़कियों ने बीच बीच में तालियां बजाकर उनके शब्दों को आदरस्वरुप धन्यवाद दिया।
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सिन्हा सोमवार को राजसमन्द के भिक्षु निलयम में आयोजित पण्डित दीनदयाल उपाध्याय बालिका उत्थान शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बच्चों को संबोधित कर रही थी। आठ दिवसीय यह शिविर राजसमन्द नगर परिषद, भारत विकास परिषद तथा महिला संरक्षण समिति, कोटा की ओर से आयोजित किया गया। इसमें राजसमन्द एवं आस-पास के क्षेत्रों की 1200 से अधिक बालिकाओं व महिलाओं ने हस्तकलाओं और आधुनिक विधाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण पाकर दक्षता हासिल की।
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लड़कियों को पोती कहकर जीता दिल
राज्यपाल ने बालिकाआें को पोतियां कहकर संबोधित किया और सीधे संवाद कायम करते हुए उनके घर-परिवार और संस्कारों आदि के बारे में बातचीत की, इससे बालिकाएं गद्गद् हो उठी। सिन्हा के उद्बोधन के दौरान कई बार लड़कियों ने बीच बीच में तालियां बजाकर उनके शब्दों को आदरस्वरुप धन्यवाद दिया।
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