{"_id":"590958d74f1c1ba8744414df","slug":"google-showing-shocking-result-about-vasundhara-and-ashok-gehlot","type":"story","status":"publish","title_hn":"वसुंधरा की खोज जोधपुर में, तो गहलोत की तलाश जयपुर में...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वसुंधरा की खोज जोधपुर में, तो गहलोत की तलाश जयपुर में...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 03 May 2017 04:21 PM IST
विज्ञापन
अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत बुधवार को अपना 67वां जन्मदिन मना रहें है। उधर, डेढ़ महीने पहले बतौर मुख्यमंत्री अपनी दूसरी पारी खेल रहीं वसुंधरा राजे ने जन्म दिन मनाया। हमने वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इंटरनेट पर कितनी लोकप्रियता है, इसे सर्च किया, तो नतीजे चौंकाने वाले थे।
विज्ञापन
राजस्थान में वसुंधरा और गहलोत, दोनों नेताओं ने अपने वर्तमान पदों से भले ही पहचान बना रखी हो, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में इन्हें वर्तमान सही पदों से नहीं जाना जाता। मतलब यह कि दोनों नेताओं की सोशल मीडिया टीम उन्हें इंटरनेट पर सही पहचान दिलाने में नाकामयाब रही है। गूगल ट्रेंड में दोनों ही नेता सर्च तो होते है, लेकिन उनके नाम के साथ केवल 'इंडियन पॉलिटिशियन' लिखा आता है न कि पूर्व मुख्यमंत्री या वर्तमान मुख्यमंत्री।
विज्ञापन
इससे जाहिर होता है कि अपने आप को जन—जन का नेता कहने वाले ये दोनों दिग्गज अभी तक इंटरनेट की दुनिया में अपनी वर्तमान सही पहचान बनाने में विफल रहे हैं। इसका कुछ कारण इन नेताओं के लिए काम करने वाले अधिकारी व कार्यकर्ता भी हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर, अरविंद केजरीवाल, नीतीश कुमार, देवेंद्र फडनवीस, चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं की इंटरनेट पर सही पहचान बताई जा रही है। गूगल पर अरविंद केजरीवाल लिखने से ही उनके नाम के आगे सीएम अरविंद केजरीवाल लिखा हुआ आता है।
इधर, देवेंद्र फडनवीस का नाम गूगल में लिखने पर उन्हें वर्तमान पद के हिसाब से सीएम महाराष्ट्र लिखा अपने आप आता है। वहीं, चंद्रबाबू नायडू का नाम लिखते ही सीएम आंध्र प्रदेश लिखा हुआ अपने आप आ जाता है।
बिहार को पिछड़ा मानते हैं, लेकिन इंटरनेट पर नीतीश कुमार सही पहचान बनाने में कामयाब हो गए हैं। उनका नाम लिखने पर उन्हें वर्तमान पद के हिसाब से सीएम बिहार बताया जा रहा है। उनकी सोशल मीडिया टीम उन्हें पहचान दिलाने में कामयाब है।
मध्य प्रदेश के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज चौहान की भी इंटरनेट पर हालत वसुंधरा और गहलोत के जैसी ही है। गूगल में शिव राज चौहान लिखने पर उन्हें वर्तमान पद के बजाए मेंबर अॉफ पार्लियामेंट लिखा हुआ आ रहा है।
चौंकाने वाली इनकी खोज
गूगल ट्रेंड के पिछले पांच वर्ष के नतीजे बताते हैं कि अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को समय—समय पर पूरी दूनिया से लोगों ने सर्च किया। जिसमें सबसे अधिक सर्च राजस्थान से ही किया गया। लेकिन चौंंकाने वाली बात यह है कि अशोक गहलोत को सबसे अधिक सर्च जयपुर से किया गया। जबकि वसुंधरा राजे को सबसे गूगल में सबसे अधिक गहलोत के गढ़ माने जाने वाले जोधपुर से किया गया। नतीजे यह भी बताते है औसतन वसुंधरा राजे की लोकप्रियता गूगल में अशोक गहलोत से अधिक ही रही है।
दोनों नेता फिर चर्चा में
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत आजकल फिर से नेशनल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहें हैं। जहां राजे को केन्द्रीय केबिनेट में स्थान देने की चर्चाएं चल रही है। वहीं अशोक गहलोत को हाल ही में सोनिया गांधी ने एआईसीसी महासचिव बनाने के साथ गुजरात का प्रभारी भी नियुक्त किया है। गहलोत के सचिन पायलट के साथ कटु रिश्ते और गुजरात में मिली उनको नयी जिम्मेदारी ने उनको खबरों में बनाए रखा है।