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दो शावकों के आगमन से सरिस्का में खुशी की लहर!
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 24 May 2017 10:27 AM IST
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फाइल फोटो।
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दुनियाभर में मशहूर सरिस्का बाघ परियोजना में इन दिनों खुशी की बयार बह रही है। सरिस्का बाघ परियोजना से जुड़े अधिकारी दबी जुबां में दो शावकों के जन्म की बात कह रहें है। हालांकि नए शावकों की अभी तक साइटिंग नहीं हुई है।
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वन विभाग ने शावकों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह लगभग तय है कि बाघिन एसटी—12 दो शावकों को जन्म दिया है। गौरतलब है कि एसटी—12 बाघिन एसटी—10 की संतान है। एसटी—10 को रणथम्भौर से सरिस्का लाया गया था। अभी तक सरिस्का में बाघों के कुनबे में सदस्यों की संख्या 14 है। इस कुनबे में आखिरी सदस्य पिछले वर्ष अप्रेल माह में एसटी—9 ने शावक को जन्म दिया था। जबकि एसटी—12 पिछल करीब एक वर्ष से गर्भवती थी। दो नवजात शावकों की साइटिंग होने के बाद सरिस्का में बाघों के कुनबे में सदस्यों की संख्या 16 हो जाएगी।
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गौरतलब है वर्ष 2004 में सरिस्का बाघों से महरुम हो गया था। जिसके बाद वर्ष 2008 में रणथम्भौर से पहली बार यहां बाघ शिफ्ट किए गए थे, जो दुनिया भर में पहली बार किया प्रयोग था। उसके बाद से सरिस्का में लगातार बाघों का कुनबा बढ़ रहा है।
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