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भगवान को सर्द-गर्म, रोज लगेगा खास काढ़े का भोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Jun 2017 05:43 PM IST
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भगवान जगदीश
- फोटो : अमर उजाला
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भगवान भी बीमार होते है। सुनने में अटपटा जरुर लगे, लेकिन राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार ऐसा हुआ है। भगवान बीमारी के कारण आराम फरमाएंगे और उन्हें वापस स्वस्थ करने के लिए 15 दिन तक खास काढ़े का भोग लगेगा। जब वे स्वस्थ्य हो जाएंगे तो उनकी रथयात्रा निकाली जाएेगी।
दरअसल, उदयपुर में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में शुक्रवार को महास्नान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि इसके बाद भगवान को सर्द-गर्म हो जाता है। इसके चलते उन्हें गर्म तासीर वाले व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा और काढ़ा पिलाया जाता है। इस दौरान भगवान को सिंहासन पर नहीं बल्कि पलंग पर आराम करवाया जाएगा। 15 वें दिन उन्हें परवल के रस का सेवन करवाया जाएगा। इस धार्मिक परम्परा का निर्वाह करने के लिए 15 दिन तक भगवान के पट बंद रहेंगे। वे भक्तों को दर्शन नहीं देंगे।
समिति के संरक्षक प्रदीप कुमावत का कहना है कि इन पंद्रह दिनों में भगवान को काढ़ा पिलाया जाएगा। 24 जून तक भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। इसके बाद 25 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी।
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वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ स्वामी (जगदीश) मंदिर में वेदमंत्रों के साथ पांच सौ किलोग्राम दूध अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी हुकमराज पुजारी ने बताया कि मंदिर में श्रीसूक्तम और पुरुषसुक्त से पूजा की गई।
भगवान को ठंड से बचाने के लिए गर्म पकवानों के भोग लगाए गए। अब उन्हें सौंठ, अजवाइन, केसर लड्डू और बादाम के हलवे का भोग लगाया जाएगा।
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दरअसल, उदयपुर में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में शुक्रवार को महास्नान का आयोजन किया गया। मान्यता है कि इसके बाद भगवान को सर्द-गर्म हो जाता है। इसके चलते उन्हें गर्म तासीर वाले व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा और काढ़ा पिलाया जाता है। इस दौरान भगवान को सिंहासन पर नहीं बल्कि पलंग पर आराम करवाया जाएगा। 15 वें दिन उन्हें परवल के रस का सेवन करवाया जाएगा। इस धार्मिक परम्परा का निर्वाह करने के लिए 15 दिन तक भगवान के पट बंद रहेंगे। वे भक्तों को दर्शन नहीं देंगे।
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समिति के संरक्षक प्रदीप कुमावत का कहना है कि इन पंद्रह दिनों में भगवान को काढ़ा पिलाया जाएगा। 24 जून तक भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। इसके बाद 25 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी।
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वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ स्वामी (जगदीश) मंदिर में वेदमंत्रों के साथ पांच सौ किलोग्राम दूध अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी हुकमराज पुजारी ने बताया कि मंदिर में श्रीसूक्तम और पुरुषसुक्त से पूजा की गई।
भगवान को ठंड से बचाने के लिए गर्म पकवानों के भोग लगाए गए। अब उन्हें सौंठ, अजवाइन, केसर लड्डू और बादाम के हलवे का भोग लगाया जाएगा।